प्रेमचंद की जन्मस्थली पर लघु फिल्म का प्रदर्शन

हिन्दुस्तान, वाराणसी
Follow us on Google News
share

वाराणसी में राज्य हिंदी संस्थान और मुंशी प्रेमचंद स्मारक द्वारा संगोष्ठी हुई। विषय ‘21वीं सदी में हिंदी भाषा शिक्षण: प्रयोग और संभावनाएं’ था। शिक्षण में डिजिटल तकनीक के प्रयोग और प्रेमचंद की हिंदी पर चर्चा हुई। हिंदी दिवस का एक लंबे उत्सव के रूप में मनाने का भी प्रस्ताव रखा गया।

प्रेमचंद की जन्मस्थली पर लघु फिल्म का प्रदर्शन

वाराणसी। राज्य हिंदी संस्थान और मुंशी प्रेमचंद स्मारक एवं शोध संस्थान की तरफ से मंगलवार को लमही में लघु फिल्म के पहले प्रदर्शन के साथ संगोष्ठी हुई। संगोष्ठी का विषय ‘21वीं सदी में हिंदी भाषा शिक्षण: प्रयोग और संभावनाएं’ रहा। इस दौरान हिंदी शिक्षण की आधुनिक तकनीक, डिजिटल और एआई मोड में पढ़ाई पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने शिक्षण में डिजिटल तकनीक के प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि दीक्षा एप, ई-विद्या और स्मार्ट क्लास आदि का प्रयोग वर्तमान युग की जरूरत है। विशिष्ट अतिथि मुंशी प्रेमचंद स्मारक एवं शोध संस्थान के समन्वयक प्रो. नीरज खरे ने ‘प्रेमचंद की हिंदी’ पर वक्तव्य दिया। कहा कि प्रेमचंद की भाषा हिंदी के लोकतांत्रिक स्वरूप की साहित्यिक मिसालों में एक है।

प्रस्तावित विचार

इलाहाबाद विवि के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय चोपड़ा ने हिंदी दिवस को एक दिन के लिए सीमित न करते हुए लंबे समय तक चलने वाला हिंदी उत्सव मनाने का विचार रखा। राज्य हिंदी संस्थान की निदेशक चंदना रामइकबाल यादव ने स्वागत किया। कार्यक्रम समन्वयक और राज्य हिंदी संस्थान के शोध प्रवक्ता डॉ. प्रदीप जायसवाल ने डिजिटल युग मे बच्चों की आवश्यकता के आधार पर शिक्षण पर जोर दिया।

दूसरे सत्र में चर्चा

दूसरे सत्र में लखनऊ विवि की प्रवक्ता डॉ. किरनलता डंगवाल, डॉ. विवेक सिंह ने डिजिटल शिक्षण पर चर्चा की। इसी क्रम में राज्य हिंदी संस्थान द्वारा तैयार मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘पंच परमेश्वर’ पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। इस फिल्म में अभिनय, लेखन, निर्देशन बेसिक शिक्षकों ने किया है। फिल्म के प्रथम प्रदर्शन को सराहना मिली।

सामान्य प्रश्न

✦संगोष्ठी का मुख्य विषय क्या था?−
संगोष्ठी का विषय ‘21वीं सदी में हिंदी भाषा शिक्षण: प्रयोग और संभावनाएं’ था।
Abhishek Tripathi

लेखक के बारे में

Abhishek Tripathi

शॉर्ट बायो : अभिषेक त्रिपाठी पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर जुड़े हैं। वाराणसी संस्करण के लिए वह शिक्षा जगत और राजनीतिक दल में कांग्रेस बीट कवर करते हैं।


परिचय एवं अनुभव

अभिषेक त्रिपाठी वाराणसी में इससे पहले भी विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। शिक्षा और राजनीतिक बीट के रिपोर्टर के तौर पर 2021 से इन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। लगभग पांच वर्ष से इस भूमिका में इन्होंने विशिष्ट अभियान, असर और ऑफबीट खबरें भी शामिल हैं।


करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)

अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की। यहां पहले डेस्क और फिर रिपोर्टिंग में काम किया। रिपोर्टिंग में मेडिकल, रेलवे और अपराध जैसी बीट पर कााम किया। यहां से 2011 में हिन्दुस्तान वाराणसी की सेवाएं शुरू की। अगले छह वर्ष तक प्रशासन और क्राइम रिपोर्टिंग में कई प्रतिमान स्थापित किए। 2016 में दैनिक भास्कर भोपाल से जुड़े और यहां लोकल रिपोर्टिंग से इतर डिजिटल और देश-दुनिया की खबरों की समझ विकसित की। 2020 तक दैनिक जागरण के अलावा विभिन्न डिजिटल और प्रिंट माध्यमों से जुड़े रहने के बाद 2021 में दोबारा हिन्दुस्तान वाराणसी में शिक्षा बीट पर वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग

12वीं तक विज्ञान, इसके बाद राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ने अभिषेक को जीवन की सभी धाराओं का अनुभव दिया। इसका असर पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग, लेखन और प्रस्तुतिकरण पर दिखा। अभिषेक राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय एंगल वाली खबरों के लेखन में सिद्धहस्त हैं। प्रशासन और अपराध जगत की खबरों पर भी इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वाराणसी की भौगोलिक समझ और बड़ा सामाजिक दायरा भी इनकी रिपोर्टिंग में काफी मददगार साबित होता रहा है। 2013 से राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास के मोर्चे पर बदलते बनारस के हर पहलू को इन्होंने गहराई से समझा और प्रस्तुत किया है। संप्रति शिक्षा जगत में प्री-प्राइमरी से लेकर आईआईटी की तकनीकी दक्षता वाली खबरों को भी लिख सकने में यह सक्षम रिपोर्टर हैं।


एंटरटेनमेंट और विजन

अभिषेक फिल्म, ट्रेंड्स, यूथ और लाइफस्टाइल विषयों पर भी बेहतरीन पकड़ रखते हैं। सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के लिए भी वह प्रसिद्ध हैं। बीते वर्षों में अपने अखबार के लिए इन्होंने कई विशेष कवरेज, इंटरव्यू, सीरीज प्लान किए हैं। अभिषेक का मानना है कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता और नयापन जरूरी है। इसके साथ ही खबरों का लेखन और प्रस्तुतीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मुद्दों की समझ और उनकी सटीक प्रस्तुति पाठक को समाचार पर ठहरने और बाद में उसकी चर्चा करने पर विवश करती है।


विशेषज्ञता
प्रशासनिक और राजनीतिक कवरेज
अपराध और मानवीय एंगल के समाचारों में सिद्धहस्तता
फिल्म स्टार, साहित्यकार और राजनीतिज्ञों के विशेष साक्षात्कार
शिक्षा, धर्म संस्कृति और ऑफबीट खबरें
डेस्क पर खबरों का संपादन और पेजमेकिंग

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsप्रेमचंद की जन्मस्थली पर लघु फिल्म का प्रदर्शन