विद्यार्थियों ने काव्य पाठ, नाटक एवं मुहावरों से बताया हिंदी का महत्व
गाजियाबाद में हिंदी दिवस पर स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने हिंदी का महत्व बताया और काव्य पाठ तथा नाटक किया। वीएमएलजी कॉलेज में संगोष्ठी में हिंदी की सामाजिक भूमिका पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में प्राचार्य और अतिथि वक्ताओं ने भाग लिया और हिंदी को और सशक्त बनाने पर जोर दिया।

गाजियाबाद, गुलशन भारती। हिंदी दिवस पर जिले के स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की हिंदी का महत्व बताया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी में काव्य पाठ किया और नाटक तथा भाषण के जरिए हिंदी का महत्व बताया। सभी से दैनिक जीवन और कार्यस्थलों पर हिंदी बोलने का आह्वान किया गया। वीएमएलजी कॉलेज में हिंदी दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में व्यक्तित्व विकास एवं अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में हिंदी की भूमिका के बारे में बताया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. रचना प्रसाद एवं अतिथि वक्ता जाकिर हुसैन कॉलेज, डीयू के प्रो. डॉ. बिजेंद्र सिंह चौहान ने किया। प्रो. मीना शुक्ला ने स्वागत किया। डॉ. चौहान ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि भाईचारा, समानता और सामाजिक भागीदारी से भी जुड़ी है। हिंदी को और अधिक क्षमतावान होना होगा, ताकि महिलाओं के प्रतिरोध और अधिकारों को धैर्य के साथ व्यक्त किया जा सके। कार्यक्रम का संचालन संयोजिका डॉ. गुड़िया बानो और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कनक राज चादना ने किया。
काव्य पाठ और नाटक से बताया हिंदी का महत्व:
राम चमेली चड्ढा विश्वास गर्ल्स कॉलेज में हिंदी दिवस कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और गणेश वंदना से हुई। प्राचार्या डॉ. नीतू चावला ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदनाओं और भारतीय ज्ञान परंपरा की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने दैनिक जीवन और कार्यस्थल पर हिंदी के अधिक उपयोग का आह्वान किया। काव्य-पाठ में छात्राओं ने हिंदी की रचनाएं प्रस्तुत कीं। इसके अलावा हिंदी भाषा ज्ञान, चीफ की दावत नाटक, पहेलियों और मुहावरों पर आधारित प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। डॉ. आंचल कुमारी ने हिंदी के अधिक प्रयोग और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया।


