हिंदी के उत्थान और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास जरूरी: नेताजी संघर्ष समिति
देहरादून में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने हिंदी भाषा के संरक्षण और उसके महत्व पर जोर दिया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रभात डंडरियाल ने चिंता व्यक्त की कि युवा पीढ़ी में हिंदी की मूल बातें भी मिसिंग हैं। गोष्ठी में समय पर व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया गया।

देहरादून। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कांवली रोड स्थित नेताजी संघर्ष समिति के कार्यालय में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रभात डंडरियाल ने की तथा संचालन प्रमुख महासचिव आरिफ वारसी द्वारा किया गया। बैठक में वक्ताओं ने हिंदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए एकजुट होकर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। प्रभात डंडरियाल और आरिफ वारसी ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक और सोचनीय विषय है कि अपनी ही भाषा की खुलेआम उपेक्षा की जा रही है। आज स्थिति यह हो गई है कि युवा पीढ़ी को हिंदी की सामान्य गिनती और संख्याओं तक का ज्ञान नहीं है, जो बेहद गंभीर मामला है।
वक्ताओं ने जोर दिया कि जब तक जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होगा, तब तक लोग भाषा के महत्व को पूरी तरह नहीं समझ पाएंगे। इस दौरान प्रदीप कुकरेती, जय बिष्ट, गुलाम मुस्तफा, दानिश नूर, अतुल शर्मा, विपुल नौटियाल और पारस यादव आदि मौजूद रहे।


