टाटा डीएवी में कवियों ने रचनाओं से बांधा समां
नोवामुंडी के टाटा डीएवी पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। प्राचार्या शशिकला ने हिंदी दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में गैर-हिंदी भाषी कर्मचारियों ने अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। विद्यालय में ''हिंदी पखवाड़ा'' भी मनाया जा रहा है, जो 6 अक्तूबर तक चलेगा।

नोवामुंडी,संवाददाता टाटा डीएवी पब्लिक स्कूल, नोवामुंडी में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर एक कवि सम्मेलन के साथ हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थिति हुए। कार्यक्रम में गैर-हिंदी भाषी कर्मचारियों द्वारा हिंदी में अपनी स्वरचित कविताओं का सुंदर पाठ प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षिका सुजाता के मनमोहक नृत्य से हुआ। हिंदी दिवस की महत्ता और इसके इतिहास पर प्रकाश डालते हुए प्राचार्या शशिकला ने कहा कि हमारी राष्ट्रभाषा व राजभाषा के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष 14 सितंबर को ''हिंदी दिवस'' मनाया जाता है। हिंदी केवल हमारी भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है।
कवि सम्मेलन के मंच को अपनी उत्कृष्ट और भावपूर्ण काव्य-रचनाओं से समृद्ध करने में रंजन कुमार, अरविंद ठाकुर, प्रदीप दास, सचिन चंद्र साव, देवेंद्र कुमार देव, जे. रामा, हर्ष कुमार, संतोष कुमार गुप्ता तथा सुरेश पंडा का विशेष योगदान रहा।हिंदी शिक्षिका रीतिका राम ने बताया कि पिछले बीस वर्षों से लगातार विद्यालय परिसर में हिंदी दिवस के अवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन निर्बाध गति से किया जाता रहा है। विद्यालय में ''हिंदी पखवाड़ा'' मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत आज से हुई है और इसका समापन 6 अक्तूबर को विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों के साथ किया जाएगा। शिक्षिका अंतरा चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा संस्कृत शिक्षक सुरेश पंडा के सहयोग से वैदिक शांति पाठ गाकर कार्यक्रम का समापन किया गया।


