स्कूलों में गूंजा हिन्दी का गौरव, प्रतियोगिताओं में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा
बिहार के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में सोमवार को हिन्दी दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने कविता, कहानी लेखन, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लिया। शिक्षकों ने छात्रों को हिन्दी की महत्ता और साहित्य के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिन्दी के प्रति रुचि बढ़ाना और विद्यार्थियों को साहित्य से जोड़ना था।

(पंचदेवरी से निराला ओझा की रिपोर्ट) जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरवां, नेहरुआ कला, मध्य विद्यालय भाठवा,नव सृजीत प्राथमिक विद्यालय रामपुर, नकटहीं, दर्जीपट्टी, इंद्रपट्टी, मंझरिया, टापर्स एकेडमी, सीबीएसई स्कूल बिहार विकास, शांति निकेतन सहित सभी सरकारी गैर सरकारी प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सोमवार को हिन्दी दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यालयों में हिन्दी भाषा और साहित्य की महत्ता पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं ने कविता, कहानी लेखन, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कहीं विद्यार्थियों ने हिन्दी की समृद्ध विरासत पर अपने विचार रखे तो कहीं साहित्यिक रचनाओं के मंचन के जरिए हिन्दी के प्रति प्रेम और सम्मान का संदेश दिया। हिन्दी दिवस के अवसर पर विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा खुलकर सामने आई। देवनागरी लिपि में कविता और कहानी लेखन प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता और लेखन क्षमता का प्रदर्शन किया। भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिन्दी भाषा के महत्व, इसके प्रचार-प्रसार और वर्तमान समय में हिन्दी की उपयोगिता पर अपनी बात रखी। कई विद्यालयों में हिन्दी साहित्य के महान रचनाकारों को भी विद्यार्थियों से जोड़ा गया। प्रेमचंद और जयशंकर प्रसाद की कहानियों पर आधारित नाटक एवं चलचित्र का प्रदर्शन किया गया। साहित्यकारों की रचनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को हिन्दी साहित्य की समृद्ध परंपरा से परिचित कराया गया। शिक्षकों ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है。
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया। विद्यालयों में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा का अधिक से अधिक प्रयोग करने और हिन्दी साहित्य की पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से विद्यालयों में हिन्दी दिवस का माहौल खासा जीवंत रहा।
हिन्दी के प्रति रुचि बढ़ाना विभाग का उद्देश्य
बिहार शिक्षा परियोजना, गोपालगंज की ओर से हिन्दी दिवस के आयोजन को लेकर सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे। विभाग ने अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया था। कार्यक्रमों के फोटोग्राफ्स निर्धारित व्हाट्सऐप ग्रुप में भेजने का भी निर्देश दिया गया था।
विद्यालयों में पूरे दिन चला साहित्यिक कार्यक्रम
हिन्दी दिवस का आयोजन 3 सितंबर को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में किया गया। विद्यालयों में अलग-अलग गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा और साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में हिन्दी के प्रति सम्मान, रुचि और जागरूकता विकसित करने का संदेश दिया गया。


