विवेचना में लापरवाही पर हाईकोर्ट ने तलब किया विवेचक
पीलीभीत। दुष्कर्म के एक मामले में वीडियो और मोबाइल चैट विवेचना में शामिल न करने पर उच्च न्यायालय ने विवेचक को 14 जुलाई को तलब किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने नशीली चीज देकर शारीरिक संबंध बनाए और 2023 तक परेशान करता रहा। आरोपी 8 अप्रैल 2026 से जेल में है।

पीलीभीत। दुष्कर्म के एक मामले में वीडियो और मोबाइल चैट विवेचना में शामिल न करने पर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने विवेचक को व्यक्तिगत रूप से 14 जुलाई को हाई कोर्ट में तलब किया है।
मामले की जानकारी
एक पीड़िता ने चार अप्रैल 2026 को थाना सुनगढी क्षेत्र के राम वाटिका कॉलोनी निवासी विपिन गंगवार राजा पुत्र भूमेंद्र देव गंगवार पर उससे दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा कायम कराया था। रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता 2018 में कोचिंग पढ़ने जाती थी। सहपाठी के भाई ने उससे जान पहचान कर ली। उसे नशीली चीज देकर शारीरिक संबंध बना लिए। 2023 तक वीडियो चैट दिखाकर आरोपी परेशान करता रहा। 2025 में आरोपी ने पुनः शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। आरोप यह भी है कि आरोपी का मोबाइल खो गया और पीड़िता के साथ वाला उसका वीडियो अन्य लड़कों ने देख लिया।
पुलिस कार्यवाही
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। आरोपी 8 अप्रैल 2026 से जिला कारागार में है। एक मई को विपिन गंगवार राजा की जमानत अर्जी जिला अदालत से खारिज होने के बाद हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई। उच्च न्यायालय में आरोपी की ओर से जमानत पर बहस करते हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता जेपी सिंह ने तर्क दिया कि इस मामले में विवेचक ने कोई भी वीडियो या चैट विवेचना में शामिल नहीं किया। उच्च न्यायालय ने पाया कि पत्रावली पर कोई भी वीडियो और चैट नहीं है। उच्च न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तारीख नियत करते हुए उसी दिन विवेचक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।


