दो माहीने में प्रत्यावेदन का निस्तारण करें डीएम : हाइकोर्ट
हाईकोर्ट ने एक पेट्रोल पंप की एनओसी से जुड़े प्रकरण में दो महीने में प्रत्यावेदन का निस्तारण करने का आदेश हाईकोर्ट ने एक पेट्रोल पंप की एनओसी से जुड़े

बदायूं/मूसाझाग। हाईकोर्ट ने एक पेट्रोल पंप की एनओसी से जुड़े प्रकरण में डीएम के लिये दो महीने में प्रत्यावेदन का निस्तारण करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश बिसौली के राकेश की याचिका पर फैसला सुनाते हुये पारित किया है। याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव, सुधांशु चौहान की पीठ के समक्ष बहस में बताया कि याची ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा वर्ष 2018 में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर पेट्रोल पंप के लिये एससी कैटेगरी में ओडीआर रोड पर ग्रामीण क्षेत्र के तहत आवेदन किया था। लाइसेंस फीस जमा करने के बाद यांची को आठ विभाग के द्वारा एनओसी भी प्राप्त हो गई, लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता द्वारा इंटरसेक्शन पेट्रोल पंप के विपरीत दिशा में होंने के कारण प्रकरण को वापस डीएम के समक्ष भेज दिया।
याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना है कि शासनादेश के अनुसार लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी करते हुये 300 मीटर पर कोई भी इंटरसेक्शन न होने के कारण इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने लेटर आफ इंटेंट जारी कर दिया था जिस पर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा अधीक्षण अभियंता को प्रकरण पर विचार कर अनुमोदन करने की रिपोर्ट वर्ष 2022 में याची के पक्ष में लगाते हुये भेज दी गई और ग्रामीण क्षेत्र में शासनादेश के अनुसार इंटरसेक्शन पेट्रोल पंप के विपरीत दिशा में होने पर नक्शे में दर्शाने की जरूरत नहीं है, कहते हुये याची के पक्ष में रिपोर्ट प्रेषित कर दी, लेकिन जानबूझकर गलत नियमों का हवाला देते हुये अधीक्षण अभियंता के द्वारा एनओसी न देते हुये प्रकरण को डीएम के समक्ष भेज दिया। हाईकोर्ट ने डीएम को याची के प्रत्यावेदन प्राप्त होने से दो महीने के अंदर निर्णय लेने का आदेश पारित करने को कहा है।


