बिना अपील के भी मुआवजा बढ़ा सकता है हाईकोर्ट
मोटर वाहन कानून का उद्देश्य जान गंवाने वाले के आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाना, ट्रेलर चालक की मौत के मामले में 22.16 लाख की जगह 28.17 लाख रुपये देने क

रांची। विशेष संवाददाता दावेदारों के लिए अलग से अपील दायर नहीं किए जाने के बावजूद हाईकोर्ट दुर्घटना पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए राशि बढ़ा सकता है। मोटर वाहन कानून का उद्देश्य दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के आश्रितों को न्यायसंगत मुआवजा दिलाना है। इसलिए यदि ट्रिब्यूनल की ओर से तय राशि उचित नहीं है, तो अपीलीय अदालत दावेदारों की अलग अपील के बिना भी मुआवजा बढ़ा सकती है।
महत्वपूर्ण टिप्पणी
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने एक सड़क हादसे से जुड़े मामले में यह महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए ट्रेलर चालक की मौत पर निर्धारित मुआवजा 22.16 लाख से बढ़ाकर 28.17 लाख रुपये कर दिया। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने बीमा कंपनी को बढ़ी हुई राशि पर दावा याचिका दाखिल करने की तारीख 30 सितंबर 2022 से भुगतान तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।
दुर्घटना का मामला
मामला 31 मई 2022 को हुए सड़क हादसे का है। दो ट्रेलरों की आमने-सामने हुई टक्कर में ट्रेलर चालक मुकेश कुमार चौधरी की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके परिवार ने मुआवजे के लिए दावा याचिका दायर की थी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण जमशेदपुर ने परिवार को 22.16 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। बीमा कंपनी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
दलील का खंडन
बीमा कंपनी ने हाईकोर्ट में कहा कि दुर्घटना के समय मुकेश के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसलिए मुआवजा देने की जिम्मेदारी उस पर नहीं डाली जा सकती। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि बीमा कंपनी ने ट्रिब्यूनल के समक्ष अपने लिखित बयान में यह आरोप नहीं लगाया था और न ही इस संबंध में कोई मुद्दा तय हुआ था। इसके अलावा मृतक का ड्राइविंग लाइसेंस रिकॉर्ड में मौजूद था। ऐसे में अपील के स्तर पर पहली बार यह दलील उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
भुगतान का आदेश
हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील खारिज करते हुए उसे आठ सप्ताह के भीतर 28.17 लाख रुपये की मुआवजा राशि ट्रिब्यूनल में जमा करने का निर्देश दिया है। पहले से जमा राशि को नई निर्धारित मुआवजा राशि में समायोजित किया जाएगा। बढ़ी हुई राशि पर 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दावा याचिका दायर करने की तारीख 30 सितंबर 2022 से वास्तविक भुगतान तक देना होगा।


