एसएम कॉलेज प्रबंधन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अधिकृत नियंत्रक की नियुक्ति पर रोक
चंदौसी के एसएम कॉलेज को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने कॉलेज में अधिकृत नियंत्रक की नियुक्ति पर रोक लगाई, यह निर्णय राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए लिया गया। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्थापना तिथि को लेकर राज्य सरकार ने गलत जानकारी दी है।

संभल। चंदौसी के एसएम कॉलेज प्रबंधन को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने विशेष अपील संख्या-458/2026 की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार द्वारा कॉलेज में अधिकृत नियंत्रक (ऑथराइज्ड कंट्रोलर) नियुक्त करने संबंधी 14 जनवरी 2026 के आदेश तथा 18 मार्च 2026 को एकलपीठ द्वारा दिए गए आदेश के प्रभाव एवं संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से दलील दी गई कि सरकार ने जिस आधार पर कार्रवाई की, उसमें गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद की स्थापना तिथि को लेकर तथ्यात्मक त्रुटि है।
प्रबंधन का कहना था कि विश्वविद्यालय की स्थापना 15 जून 2025 से प्रभावी अधिसूचना के आधार पर हुई, जबकि पूर्व में इसे 2023 से प्रभावी मानकर कार्रवाई की गई। खंडपीठ ने प्रथम दृष्टया माना कि केवल संशोधन अधिनियम लागू होने से विश्वविद्यालय की स्थापना स्वतः नहीं मानी जा सकती। अधिनियम की व्यवस्था के अनुसार राज्य सरकार की अधिसूचना से ही स्थापना प्रभावी होती है और 6 मई 2025 की अधिसूचना में 15 जून 2025 को स्थापना की तिथि दर्शाई गई है। अदालत ने यह भी कहा कि मामले में राज्य सरकार और विश्वविद्यालय से विस्तृत जवाब लिया जाना आवश्यक है। सभी पक्षों को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 तय की गई है। तब तक अधिकृत नियंत्रक की नियुक्ति संबंधी सरकारी आदेश और एकलपीठ के आदेश पर रोक प्रभावी रहेगी।


