एचईसी कामगारों को प्रोन्नति देने के लिए सीएमडी से वार्ता
एचईसी में पिछले आठ वर्षों से लंबित प्रोन्नति प्रक्रिया को शुरू करने की मांग को लेकर इंटक के राष्ट्रीय संगठन सचिव लीलाधर सिंह ने सीएमडी केएस मूर्ति से मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान शीघ्रता से करने की अपील की, ताकि उनके मनोबल में सुधार हो सके।

रांची, विशेष संवाददाता। एचईसी में पिछले आठ वर्षों से लंबित प्रोन्नति प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की मांग को लेकर इंटक के राष्ट्रीय संगठन सचिव और हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने शनिवार को एचईसी सह भेल के सीएमडी केएस मूर्ति से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कर्मियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। लीलाधर सिंह ने कहा कि आठ वर्षों से कर्मचारियों की प्रोन्नति नहीं होने के कारण उनमें निराशा का माहौल है। कई सप्लाई कामगार अपने-अपने ग्रेड की अधिकतम सीमा तक पहुंचकर स्टैगनेशन की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान पहले से ही वर्षों से लंबित है, यदि कर्मचारियों को समय पर प्रोन्नति मिलती है तो उनका मनोबल बढ़ेगा और उन्हें अपने बेहतर कार्य का सम्मान मिलने का एहसास होगा है।
लीलाधर सिंह ने 25 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अति कुशल तकनीकी कामगारों को एचईसी के नियमित संवर्ग में समाहित करने की भी मांग की। उनका कहना था कि इससे कर्मचारियों का उत्साह बढ़ेगा और कार्य संस्कृति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में चेयरमैन ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में उत्पादन बाधित नहीं होना चाहिए, क्योंकि कर्मचारियों के वेतन भुगतान का आधार उत्पादन ही है। उन्होंने बताया कि कंपनी को फिलहाल किसी बाहरी स्रोत से वित्तीय सहायता मिलने की संभावना नहीं है। एनटीपीसी से वित्तीय सहयोग मिलने की उम्मीद थी, लेकिन झारखंड सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण यह संभावना समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि यदि वह राशि मिल जाती तो कंपनी तीन महीने का वेतन भुगतान कर सकती थी। अब कंपनी को अपने संसाधनों के बल पर ही आगे बढ़ना होगा।


