त्योहार के बाद काम पर लौटने लगे लोग, सुबह से बसों में मारामारी, धड़ाम हुई परिवहन व्यवस्था

हिन्दुस्तान, बुलंदशहर
Follow us on Google News
share

त्योहार के बाद काम पर लौटने लगे लोग, सुबह से बसों में मारामारी, धड़ाम हुई परिवहन व्यवस्थात्योहार के बाद काम पर लौटने लगे लोग, सुबह से बसों में मारामार

त्योहार के बाद काम पर लौटने लगे लोग, सुबह से बसों में मारामारी, धड़ाम हुई परिवहन व्यवस्था

रक्षाबंधन का पर्व उल्लासपूर्वक मनाने के बाद शनिवार को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ सहित अन्य शहरों के लिए वापसी करने वाले नौकरीपेशा व दैनिक यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। इसके चलते सुबह से ही रोडवेज से लेकर निजी बसों में यात्रियों के बीच सीटों को लेकर अफरा-तफरी देखने को मिली। बसों में यात्रियों को धक्का-मुक्की के साथ यात्रा करने को मजबूर रहे। शहर के खुर्जा बस अड्डा, भूड़ चौराहा, मेरठ रोड, तहसील बस स्टैंड समेत अन्य सड़कों पर सुबह तड़के से ही यात्रियों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। यात्रियों की बढ़ती संख्या के आगे रोडवेज की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। जैसे ही कोई बस स्टैंड पर आकर रुकती, उसमें सवार होने के लिए यात्रियों के बीच आपाधापी मच जाती। बसों में चढ़ने के लिए लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज बसों की कमी और लंबी कतारों के चलते अनूपशहर बस अड्डा व अन्य प्रमुख चौराहों पर खड़े यात्री डग्गामार और निजी वाहनों में लोग खड़े होकर सफर करने को मजबूर हुए। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रही महिलाओं को इस अफरा-तफरी में परेशानी का सामना करना पड़ा.

रोडवेज बसों की व्यवस्था पर लगते रहे आरोप

रक्षाबंधन पर इस बार रोडवेज की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते रहे। लोगों ने बसों की सुविधा न होने पर सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल की। जिसमें एक से दो घंटे तक बसें न आने का आरोप भी लगाया गया। जिसके चलते लोग नाराज भी दिखे।

सामान्य प्रश्न

रक्षाबंधन के बाद किस तरह की भीड़ देखी गई?
रक्षाबंधन का पर्व मनाने के बाद नौकरीपेशा व दैनिक यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsत्योहार के बाद काम पर लौटने लगे लोग, सुबह से बसों में मारामारी, धड़ाम हुई परिवहन व्यवस्था