कोसी और बागमती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि, निचले इलाकों में फैलने लगा पानी
चौथम में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश का प्रभाव देखा जा रहा है। कोसी और बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि से निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है और राहत उपायों की मांग की जा रही है।

चौथम। एक प्रतिनिधि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड में भी देखने को मिल रहा है। कोसी एवं बागमती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। जिससे निचले इलाकों में पानी फैलने से बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। और आम जनजीवन प्रभावित होना शुरू हो गया है। नेपाल में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कोसी बराज के 22 फाटकों से अधिकतम 1,73,385 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो इस वर्ष का अब तक का सर्वाधिक डिस्चार्ज बताया जा रहा है। इसका प्रभाव सुपौल और सहरसा के बाद खगड़िया जिले के कई प्रखंडों सहित चौथम क्षेत्र सहित अलौली, बेलदौर और गोगरी प्रखंड में भी देखने को मिल रहा है।
यहां नदी के जलस्तर में लगभग दो से तीन फीट तक की वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर बढ़ने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। पशुओं के चारे वाले खेत और अन्य निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। वहीं दियारा क्षेत्र के गांवों में आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से आवश्यक राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। इधर प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखते हुए संबंधित कर्मियों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करने का निर्देश दिया है। जल संसाधन विभाग-2 के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है, जबकि बागमती नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।


