बैराज से गंडक में 1.52 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज, राप्ती-रोहिन के जलस्तर में भी इजाफा
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश से महराजगंज के नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सिंचाई विभाग ने सभी तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन रेन कट्स की मरम्मत का काम चल रहा है। तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब जिले की नदियों पर दिखने लगा है। सोमवार शाम चार बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे के बीच महज 16 घंटे में वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से छोड़े जाने वाले पानी का डिस्चार्ज 92 हजार 900 क्यूसेक से बढ़कर 1 लाख 52 हजार 900 क्यूसेक हो गया। 60 हजार क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिले में भी 63 मिमी बारिश होने से रोहिन व राप्ती समेत अधिकांश नदियों का जलस्तर बढ़ा है। हालांकि सिंचाई विभाग के अनुसार जिले व नेपाल क्षेत्र के सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं।
भारी बारिश के कारण निचलौल क्षेत्र के भेड़िहारी गांव के समीप गंडक नदी के तटबंध पर कई स्थानों पर भारी बारिश से रेन कट्स बन गए हैं। निचलौल तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर नदी के जलस्तर और तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को रेन कट्स को तत्काल भरवाने और तटबंध की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर तटबंधों पर रेन कट्स बने हैं। इनकी मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर कराई जा रही है।बाढ़ नियंत्रण कक्ष की मंगलवार सुबह आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी का जलस्तर 79.31 मीटर से बढ़कर 79.97 मीटर हो गया। रिगौली बांध पर राप्ती नदी का जलस्तर भी 76.21 मीटर से बढ़कर 76.29 मीटर पर है। महाव नाला छह फिट पर स्थिर रहा। सिंचाई विभाग ने बताया कि सभी तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारी तैनात हैं। फिलहाल जिले में कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन नेपाल में हो रही बारिश को देखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है।


