बारिश से आफत, गांवों की राहें कटी, घरों में कैद लोग
बारिश....बारिश बनी आफत, गांवों की राह कटी तो घरों में कैद हुए लोगबारिश बनी आफत, गांवों की राह कटी तो घरों में कैद हुए लोगबारिश बनी आफत, गांवों की राह

फतेहपुर। कई दिनों से लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर से लेकर गांवों तक जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई गांवों में संपर्क मार्गों पर पानी भरने और सड़कें कट जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है। स्थिति यह है कि कुछ गांव पानी से घिर चुके हैं। और ग्रामीण घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर कच्चे और पुराने पक्के मकानों पर पड़ रहा है। मिट्टी से बने घरों के गिरने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। कई स्थानों पर मकानों की दीवारें और छप्पर धराशायी होने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। लगातार बारिश के कारण कमजोर हो चुके मकानों में रहने वाले परिवारों में भी अनहोनी का डर बना हुआ है। सोमवार को भी विभागीय आंकड़ों के अनुसार सदर तहसील में 24.6 मिमी बारिश, बिंदकी तहसील क्षेत्र में 34.7 मिमी और खागा में 5.00 मिमी बारिश हुई। आंकड़ों के अनुसार खागा तहसील में कम बारिश हो रही है。
सड़कें कटीं, गांवों का संपर्क हुआ प्रभावित
लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की हालत खराब हो गई है। कई जगह सड़कें कट गई हैं तो कहीं रास्तों पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। दोपहिया और छोटे वाहनों से निकलना मुश्किल हो गया है। कई गांवों के लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। जरूरी सामान लेने और इलाज जैसी जरूरतों के लिए भी ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
शहर के शादीपुर रेलवे क्रासिंग, पुलिस लाइन और मुख्य डाकघर के मुख्य गेट के सामने, रानी कालोनी, ताम्बेश्वर नगर, शादीपुर गैस एजेंसी रोड समेत अन्य स्थानों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है। कई घरों के आसपास भी पानी जमा है। वहीं लगातार बारिश के चलते जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणांचलों के ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
जलभराव के घरगिरी की आशंका बढ़ी
विजयीपुर क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में तालाब उफनाने से कई घरों और रास्तों में पानी भर गया। अधिकारियों ने पंपसेट से जल निकासी का शुरू करने पर लोगों को राहत मिली। वहीं सरौली गांव में तालाब उफनाने से दशरथ सिंह सहित दर्जनभर घरों में पानी घुस गया। देवमई ब्लॉक की मिर्जापुर मकरंदपुर में जल निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण तालाबों का पानी लोगों के दरवाजे तथा स्कूल प्रांगण में भरने से ग्रामीणों को मुसीबत से जूझना पड़ा। वहीं हसवा के चौधराना मोहल्ला के आगे के तालाब, खेलदार मोहल्ला के तालाब, खरौहा कुआं मोहल्ला के बगल के तालाब, ट्रांसफार्मर चौराहा के आगे के तालाब सहित हसवा में तालाब लबालब होने से गांव के अंदर की ओर बढ़ रहा है जिससे ग्रामीण में दहशत में है। वहीं रसूलपुर भभैचा, वीरा बुधनपुर, आकूपुर ,छीतमपुर, मिचकी, फरीदपुर, पटैतापुर, सेमरी ,कलरवापुर भी जलभराव के लोगों को समस्या से जूझना पड़ रहा है। दूसरी ओर क्षेत्र की ससुर खदेरी नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग दहशत में है। वहीं ऐरायां ब्लाक के मदागंज मजरे मोहम्मदपुर गौती गांव में जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी गलियों में भर गया। लोगों को अपने घर पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
गांवों में जल भराव,घरों में घुसा पानी
हथगाम क्षेत्र के नया पुरवा मजरे करमोन गांव में बारिश का पानी घरों में घुसने से लोग कैद हो गए है। जलनिकासी निकासी के लिए नालियां नहीं होने से पानी सड़कों में भर रहा है। गांव खेलावन मौर्य, ज्ञानचंद, खुरई मौर्य, श्याम लाल मौर्य आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नालियां नहीं बनाई गई है जिसे घरों के अंदर बारिश का पानी भरने से गृहस्थी बर्बाद होने के साथ घरगिरी की भी आशंका बनी हुई है। इसी ब्लाक के अब्दुल्लापुर में जलभराव के कारण पानी घरों में घुसने गृहस्थी नष्ट हो गई। ऐराया ब्लाक के प्रेमनगर क़स्बे में जलनिकासी न होने कारण पानी दुकानों में घुस गया। व्यापार छोड़ व्यापारी दिन भर पानी निकालन में उलझे रहे।
बारिश के आंकड़ों पर एक नजर...
दिन- सदर तहसील- बिंदकी- खागा
25 अगस्त- 8.0 मिमी 2.3 मिमी 4.0 मिमी
26 अगस्त- 58.4 मिमी 73.3 मिमी 6.0 मिमी
27 अगस्त- 29.0 मिमी 40.1 मिमी 5.0 मिमी
28 अगस्त- 43.2 मिमी 39.1 मिमी 7.00 मिमी
29 अगस्त- 18.6 मिमी 38.1 मिमी 2.00 मिमी
30 अगस्त- 22.00 मिमी 20.3 मिमी 3.00 मिमी
31 अगस्त- 24.6 मिमी 34.7 मिमी 5.00 मिमी
भारी बारिश की चेतावनी से बढ़ी चिंता
मौसम विज्ञानियों ने अभी तीन दिनों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में पहले से जलभराव और आवागमन की समस्या से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। कृषि विज्ञान केन्द्र के मौसम जानकार बताते हैं कि तीन सितम्बर तक मौसम ऐसे ही रहने की सम्भावना है।


