Bijnor News: कवायद: दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाएंगे जर्जर भवन वाले स्कूल के बच्चे
Bijnor News: बिजनौर में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश ने जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। बीएसए ने बच्चों की सुरक्षा के लिए जर्जर स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे जर्जर विद्यालयों की स्थिति की जांच करें।

Bijnor News: बिजनौर।जिले में पिछले तीन दिनों से झमाझम बारिश हो रही है। बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ऐसे में बीएसए ने भी बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिले में स्कूल के जर्जर भवनों में पढ़ रहे बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। बीएसए ने जर्जर स्कूलों को चिन्हित करने के निर्देश सभी बीईओ दिए हैं। हालांकि बीएसए का दावा है कि जिले में फिलहाल जर्जर विद्यालय नहीं है, फिर भी स्कूलों का सत्यापन कराया जा रहा है। जिले में पिछले दिनों में झमाझम बारिश हो रही है। हालात ऐसे है कि डीएम ने भी बच्चों के स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। जिले में लगभग 2120 सरकारी पाठशाला है। लगातार बारिश से लोगों के लिंटर टपकने लगे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बीएसए सचिन कसाना ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए है कि अपने ब्लाकों में स्कूलों का सत्यापन करें और देखे कि कोई विद्यालय जर्जर तो नहीं है।
बिज्ञानात्मक निर्देश
निर्देश दिए है कि देखे कि कोई विद्यालय जर्जर तो नहीं है। अगर विद्यालय जर्जर मिले तो बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया जाए। निर्देश है कि इस कार्य में पीडब्ल्यूडी और आरइएस के अधिकारियों की भी मदद ली जा सकती है। स्कूलों के सत्यापन में सच सामने आएगा। ऐसे में विद्यालय जर्जर भी मिल सकते हैं ओर अधिकारियों की मुस्तैदी से कोई बड़ा हादसा भी टल सकता है।
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वर्जन----
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए गए हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने अपने ब्लाकों में जांच करें और देखे कि कोई सरकारी विद्यालय जर्जर तो नहीं है। अगर कोई ऐसा जर्जर विद्यालय चिन्हित होता है तो बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। इससे पहले जिले में करीब 203 जर्जर स्कूलों के भवनों को ध्वस्त कराया जा चुका है। फिलहाल कोई विद्यालय जर्जर हालत में नहीं है।
सचिन कसाना, बीएसए बिजनौर।
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