चित्रकूट में जोरदार बारिश से मंदाकिनी उफनाई, रामघाट में दुकानों के अंदर घुसा पानी
भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में शुक्रवार रात हुई बारिश से मंदाकिनी और बरदहा नदी में उफान आ गया है। मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया है, और दुकानदारों ने सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। प्रशासनिक अधिकारी इलाके में निगरानी रख रहे हैं।
चित्रकूट, संवाददाता। भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में शुक्रवार की रात हुई जोरदार बारिश से मंदाकिनी और बरदहा नदी उफान पर है। मंदाकिनी का जलस्तर शनिवार को खतरे केनिशान के करीब पहुंच गया। रामघाट में मंदाकिनी का पानी दुकानों में घुस गया है। दुकानदारों ने आनन-फानन अपनी-अपनी दुकानों में रखा सामान निकालकर सुरक्षित स्थानो में पहुंचाया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यूपी-एमपी प्रशासन निगरानी में लगा है। नदी किनारे रहने वालों को प्रशासन ने सतर्क किया है।जिले में एक दिन पहले शुक्रवार को सुबह जोरदार बारिश हुई थी। सीमा से सटे एमपी क्षेत्र में भी जोरदार बारिश होने की वजह से दोपहर में मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने लगा था।
लेकिन बारिश थमने के बाद शाम को जलस्तर में कमी आने लगी थी। दोबारा शुक्रवार की देर रात करीब नौ बजे से बारिश की शुरुआत हुई। यूपी-एमपी इलाके में शनिवार की सुबह तक बारिश का दौर चलता रहा है। लगातार करीब छह घंटे बारिश होने से मंदाकिनी का जलस्तर दोबारा शनिवार को सुबह पांच बजे से बढ़ने लगा। रामघाट में मंदाकिनी का सामान्य तौर पर निचला जलस्तर 123.50 मीटर है। जबकि खतरे का निशान 126.50 मीटर पर है। मंदाकिनी का जलस्तर करीब साढ़े तीन मीटर तक बढ़ गया है। रामघाट में आरती स्थल पूरी तरह से डूबा हुआ है। किनारे संचालित दुकानों में पानी घुस गया है। आनन-फानन यूपी-एमपी प्रशासन अलर्ट मोड पर आया। पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचे। आनन-फानन अधिकारियों ने दुकानदारों को आगाह किया। दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। अधिकारी नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। रामघाट में पुलिस टीमें तैनात की गई है। किसी को नदी की तरफ जाने नहीं दिया जा रहा है। उधर मानिकपुर इलाके में बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से पाठा क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों व मजरों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
लेखक के बारे में
Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
और पढ़ें

