गंगनहर में सिल्ट बढ़ने पर नहर बंद, 40 से अधिक घाट सूखे
हरिद्वारगंगनहर में सिल्ट बढ़ने पर नहर बंद, 40 से अधिक घाट सूखेगंगनहर में सिल्ट बढ़ने पर नहर बंद, 40 से अधिक घाट सूखेगंगनहर में सिल्ट बढ़ने पर नहर बंद,

पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद गंगा के जलस्तर में आई बढ़ोतरी से शुक्रवार को ऊपरी गंगनहर में सिल्ट की मात्रा अचानक बढ़ गई। सिल्ट 12,500 पीपीएम पहुंचने पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने भीमगोड़ा बैराज के लिंक चैनल से गंगनहर को बंद कर दिया। नहर बंद होने के कारण मायापुर बैराज से ज्वालापुर तक करीब 40 से अधिक गंगा घाटों पर पानी नहीं पहुंचा और घाट सूने नजर आए। हालांकि हरकी पैड़ी पर भागीरथी बिंदु से जल प्रवाह सामान्य बना रहा, जिससे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। गुरुवार देर रात से ही पहाड़ी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने के कारण भीमगोड़ा बैराज पर गंगा चेतावनी निशान 293.25 मीटर से ऊपर बहती रही।
शुक्रवार को बैराज से करीब 1.40 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगनहर में सिल्ट की मात्रा लगातार बढ़ती गई, जिसके चलते एहतियातन नहर बंद करनी पड़ी। सिंचाई विभाग के अनुसार गंगनहर को तब तक बंद रखा जाएगा, जब तक सिल्ट की मात्रा घटकर 7,500 पीपीएम से कम नहीं हो जाती। शुक्रवार को कई घंटों तक नहर बंद रही, जबकि शाम तक सिल्ट बढ़कर 16,800 पीपीएम तक पहुंच गई। अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि गंगनहर में प्रति घंटे सिल्ट की मात्रा बढ़ रही है। इसी वजह से नहर को बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध है, क्योंकि भागीरथी बिंदु से यहां लगातार पानी पहुंच रहा है। सिल्ट का स्तर सुरक्षित सीमा में आते ही गंगनहर में दोबारा पानी छोड़ा जाएगा।


