जम्मू में बारिश, बाढ़ का कहर, 11 की मौत
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण 11 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हैं। सुरनकोट तहसील में सबसे अधिक तबाही देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से स्थिति की समीक्षा की। राज्य में 23 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी जिलों में रविवार को मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में 11 लोगों की मौत हो गई। कई अन्य लापता हैं। सबसे अधिक तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई, जहां अधिकांश मौतें हुई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात कर हालात की समीक्षा की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मौसम विभाग ने राज्य में 23 जुलाई तक भारी बारिश के आसार जताए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुरनकोट के लोअर मुराह गांव में बारिश के कारण रविवार तड़के एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। इससे आठ लोग मलबे में दब गए। बचाव दल ने पांच लोगों के शव बरामद किए हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। वहीं, संगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक ही परिवार के चार सदस्य बह गए। लापता लोगों में अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, नूनाबंदी गांव में एक मकान ढहने से नाजिया कौसर (28) की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हाफिज और दो से छह वर्ष के तीन बच्चों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरनकोट के संगलानी क्षेत्र में मकान ढहने से शाहजैब अहमद (22) की मौत हो गई, जबकि मरहोट क्षेत्र में इरम नामक एक नाबालिग लड़की नाले में डूब गई। इसके अलावा, धुंधक लाथूंग पुल के पास एक नाले से अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुंछ जिले की हवेली तहसील में लगभग छह मकान ढह गए। इसमें एक शख्स की मौत हो गई। उधर, राजौरी में बारिश के बाद आई बाढ़ के दौरान एक नदी से महिला का शव बरामद किया गया। शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। इस कारण सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ है.
कई वाहन बह गए :
अधिकारियों के अनुसार, राजौरी में बाढ़ का पानी निचले इलाकों और नए बस अड्डे में भर गया। साथ ही नदियों के उफान पर आने और तटबंधों के टूटने से कई वाहन बह गए या पानी में डूब गए। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से राहत एवं बचाव दल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने और नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं.
अमरनाथ, वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी के बाद अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी और श्री शिव खोरी की यात्राएं अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ यात्रा को पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से रोक दिया गया है। कश्मीर में बालटाल तथा नुनवान/चंदनवाड़ी आधार शिविरों और जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं को आगे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि तीन जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 3.76 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं.
शाह ने हालात की जानकारी ली :
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की। उन्होंने रातभर हुई बारिश के बाद उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्री ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया.
उमर दिल्ली से जम्मू लौटे :
पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली गए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दौरा बीच में ही छोड़कर जम्मू लौटने का फैसला किया है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली से जम्मू लौट रहा हूं, ताकि मौके पर पहुंचकर हालात की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर सकूं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


