बारिश से सरकारी स्कूलों के परिसर में जलभराव
----पांच स्थान, पांच रिपोर्टर छतों से भी पानी भी टपका -बारिश के कारण सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग में सीलन भी आई -स्कूल परिसर में जलभराव होने के

हापुड़। जनपद हापुड़ के परिषदीय सरकारी स्कूलों में हजारों की संख्या में बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। वर्तमान में बारिश ने बच्चों की परेशानी को बढ़ा दिया है। किसी स्कूल के परिसर में बारिश के कारण जलभराव हो गया है तो किसी स्कूल के जाने वाले रास्ते पर बारिश का गंदा पानी भर जाता है। सिंभावली के एक स्कूल में जलभराव की वीडियो भी वायरल हुई है। बारिश के पड़ने से स्कूलों की बिल्डिंग में सीलन तक आ गई हैं। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ती है। आपके प्रिय समाचार पत्र हिन्दुस्तान टीम ने स्कूलों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। -दो स्कूलों की छतों से पानी टपका, प्लॉस्टर भी छूटकर नीचे गिरा
स्कूलों की जर्जर स्थिति
हापुड़। जिले में सभी जर्जर परिषदीय सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग ध्वस्त कराई जा चुकी है, लेकिन अधिक बारिश होने के कारण जिले के सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग पर असर साफ दिखाई दिया। दो सरकारी स्कूलों की छतों से पानी टपक गया। जबकि एक स्कूल में छत से प्लॉस्टर छूटकर नीचे गिर गया। हालांकि स्कूलों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चे सुरक्षित हैं। गांव भीखनपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे की छत से पानी टपका तो तुरंत शिक्षक अलर्ट हो गए। उन्होंने तुरंत बच्चों को दूसरे कमरे में बैठाया। इसी तरह रामपुर गांव के सरकारी स्कूल में एक कमरे की दीवार पर सीलन आ गई और छत से पानी भी टपका। वहीं, लगातार दो दिन की बारिश के चलते गांव गिरधरपुर तुमरैल के सरकारी स्कूल की बिल्डिंग में जगह-जगह सीलन आ गई। स्कूल की बिल्डिंग में एक स्थान पर छत के कुछ भाग का प्लॉस्टर छूटकर नीचे भी गिर गया। बीएसए दीपा भाटी ने बताया कि जिले में स्कूलों की जर्जर बिल्डिंग ध्वस्त कराई जा चुकी हैं। स्कूलों की छतों से पानी टपकने एवं प्लॉस्टर छूटकर नीचे गिरने का मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
बच्चों को परेशानियों का सामना
-बारिश के कारण स्कूलों के परिसर में पानी भरा, बच्चों को परेशानी हुई---------सरकारी स्कूल हापुड़
हापुड़। दो दिन से पड़ रही तेज बारिश का असर सरकारी स्कूलों पर साफ दिखा। यहां किसी स्कूल के परिसर में जलभराव हो गया तो किसी स्कूल के जाने वाले रास्ते पर बारिश से बुरा हाल हो गया। स्कूल के कमरों तक पानी नहीं पहुंचा अन्यथा बच्चों की परेशानी बढ़ जाती। रास्ते में स्कूल के बाहर पानी भरने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी हुई। सिंभावली ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल के परिसर और स्कूल के बाहर भी जलभराव हो गया। बाबूगढ़ के सरकारी स्कूल के परिसर में भी पानी भर गया। जिस कारण स्कूलों के बच्चों की दिक्कतें ज्यादा बढ़ गई। पानी स्कूल के कमरों तक नहीं पहुंचा। जिस कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई। केवल स्कूल आने जाने में ही बच्चों को दिक्कतें हुईं। इसके अलावा दो दिन की लगातार बारिश से स्कूलों की बिल्डिंग में सीलन आ गई। हालांकि जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा जर्जर स्कूलों की बिल्डिंग पहले ही ध्वस्त कराई जा चुकी हैं। बीएसए के आदेश पर स्कूलों की बिल्डिंग का सर्वे भी हो चुका है。
जलभराव की समस्या
-बारिश के बाद स्कूल मार्ग बना तालाब, बच्चों की बढ़ी मुश्किलें-------पिलखुवा
पिलखुवा। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी रेलवे फाटक स्थित स्कूलों की तरफ जाने वाले मार्ग पर देखने को मिल रही है, जहां सड़क पर पानी भर जाने से स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण छोटे बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बावजूद जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क तालाब का रूप ले चुकी हैं।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी
-बारिश में टपक रही है स्कूलों की छत------गढ़मुक्तेश्वर
फोटो------207 नंबर
गढ़मुक्तेश्वर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा को गुणवत्तापरक बनाने के लिए भारी भरकम बजट खर्च किया जा रहा है। यूनीफार्म, पुस्तकें, बैग, मिड डे मील आदि पर करोड़ों का बजट प्रतिवर्ष खर्च हो रहा है, इसके बाद भी यह विद्यालय मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्राम पंचायतों के भरोसे हैं। बरसात में क्षेत्र के कई स्कूलों में जलभराव इस कदर हो जाता है कि कई दिनों के लिए बच्चों की पढ़ाई पूरा करने में कठिनाई आ रही है। क्षेत्र के नक्का कुंआ रोड पर राजकीय विद्यालय में पढ़ाई करने वाले बच्चों को यहां होने वाले जलभराव से परेशान हो रहा है। यहां परिसर की जमीन नीचे होने से वहां पर अत्याधिक जलभराव हो रहा है। जलनिकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। वहीं गांव अब्दुलापुर के परिषदीय स्कूल में पानी निकास की व्यवस्था न होने से जल भराव हो गया है। गेट से लेकर बरामदे तक बरसाती पानी भरने से बच्चों, शिक्षकों को स्कूल आने जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा गांव काकाठेर के सरकारी स्कूल में बारिश से छत टपकती नजर आई। यहां पर पानी से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हुई।
समस्याओं का समाधान
-भोवापुर मस्तान नगर के प्राथमिक विद्यालय में जलभराव से बच्चों की परेशानी बढ़ी--------सिंभावली
फोटो-----201, 202, 203
सिंभावली। क्षेत्र के भोवापुर मस्ताननगर के प्राथमिक विद्यालय में बारिश से होने वाले जलभराव से बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ रहा है, जिसके बाद शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। थाने के बराबर में स्थित प्राथमिक विद्यालय स्कूल में विद्यार्थी गंदे पानी से होकर निकलते दिखे। परिसर में रास्ते भारी जलभराव भी दिखाई दिए। छात्रों ने बताया कि उनके यहां बरसात होने पर विद्यालय में पानी भर जाता है। इससे बच्चों और शिक्षिकाओं का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। समस्या से ग्राम प्रधान को अवगत कराया गया, उन्होंने समस्याओं को देखते हुए बच्चों और शिक्षिकाओं को शौचालयों का निर्माण तो कराया है, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था न होने से विद्यालय में जलभराव की समस्या है। बच्चों ने बारिश के जलभराव से समस्या का निस्तारण करने की मांग की है। हालांकि यहां नाले के पानी की निकासी के लिए चीनी मिल द्वारा सफाई कराई जा रही है।


