17.7 मिमी बारिश से पारा गिरा पर उमस ने बढ़ाई घुटन
कानपुर में मानसून के न आने से उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। 17.7 मिमी बारिश होने के बावजूद भी उमस से राहत नहीं मिली। तापमान 41.9 डिग्री से 39.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है लेकिन नमी के कारण गर्मी बनी हुई है। मौसम विज्ञान विभाग ने 30 जून से 4 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है।

कानपुर। मानसून के अब तक न आने, प्री मानसून एक्टिविटी बढ़ जाने और तापमान के साथ नमी भी अधिक होने से अब उमस भरी गर्मी शुरू हो गई है। आगे भी भीषण उमस की स्थितियां बनी रहेंगी। शनिवार-रविवार को शहर में 17.7 मिमी बारिश ने दिन का पारा तो गिराया लेकिन उमस ने बेहाल कर दिया। मौसम विज्ञान विभाग ने 30 जून से 04 जुलाई तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। मानसून की उत्तरी रेखा बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। 24 से 48 घंटों के अंदर इसके उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है। इससे पहले पूरे प्रदेश में प्री मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इससे प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थानीय स्तर पर तेज हवाओं संग गरज चमक के साथ बूंदाबांदी से लेकर हल्की बारिश हो रही है।
बारिश की स्थिति
शहर में शनिवार रात से रविवार सुबह तक रुक-रुककर कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश दर्ज की गई। सीएसए के वेदर स्टेशन पर 17.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके विपरीत शहर के दक्षिण में वर्षा काफी कम रही। सुबह तक फुहारें पड़ती रहीं। इसे प्री मानसून एक्टिविटी का परिणाम बता रहा है।
तापमान में गिरावट
बारिश के चलते अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री से गिरकर 39.4 डिग्री सेल्सियस हो गया। 2.5 डिग्री की कमी आई। यही नहीं रात के तापमान में भी 3.4 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। पारा 28.4 से गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह सामान्य से 2.7 डिग्री कम है। तापमान में भारी गिरावट के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिली। अब तक सर्वाधिक उमस से लोग बेहाल हो गए।
उमस की स्थिति
नमी का अधिकतम प्रतिशत 71 लेकिन न्यूनतम 39 होने से उमस इतनी ज्यादा हो गई कि लोग घुटन महसूस करने लगे। विशेषकर रात के समय लोग उमस से तड़प गए। हीट इंडेक्स रेड जोन में चला गया। रविवार को हीट इंडेक्स 62 रहा। वेट बल्ब टेंपरेचर भी 26 के करीब चला गया। वेट बल्ब टेंपरेचर 30 होने पर स्थितियां बेहद प्रतिकूल हो जाती हैं। यह खतरनाक माना जाता है।
अगामी मौसम की भविष्यवाणी
मौसम विज्ञान विभाग की मानें तो प्रदेश में सोमवार को हीट वेव का अलर्ट रहेगा। इसके बाद 30 जून से 04 जुलाई तक हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रदेश के कई जनपद इससे वंचित भी रह सकते हैं। लेकिन मानसून की रफ्तार अगर ठीक रही तो ही अच्छी बारिश देखी जा सकती है। मानसून की गति अभी तक असामान्य बनी हुई है।
विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 30 जून तक अधिक उमस रहेगी। इसके बाद उमस की प्रकृति में बदलाव आएगा। फिलहाल अबी की उमस अधिक खतरनाक होगी। इसका कारण हल्की बारिश जब लंबे समय से चल रहे हीट वेव के क्षेत्र में होती है तो वहां प्रतिकूल स्थितियां पैदा हो जाती हैं। ऐसे में घुटन भरी गर्मी होती है। हीट इंडेक्स हाई हो जाते हैं।
सीएसए के मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि बारिश की वजह प्री मानसून एक्टिविटी रही है। यह बारिश कुछ ही क्षेत्रों में रही है। अभी गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। 30 जून या पहली juli से हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है।
जून अधिकतम न्यूनतम
23 41.0 27.8
24 40.2 26.4
25 39.1 28.8
26 41.7 28.6
27 41.9 28.4
28 39.4 25.0


