युवती ने अंगदान कर तीन मरीजों को नया जीवन दिया
फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। सड़क दुर्घटना में गंभीर मस्तिष्क चोट के बाद ब्रेन डेड 21

फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। सड़क दुर्घटना में गंभीर मस्तिष्क चोट के बाद ब्रेन डेड 21 वर्षीय युवती के परिवार ने दुख की घड़ी में अंगदान का फैसला कर तीन गंभीर मरीजों को जीवन दिया है। युवती ग्रेटर फरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल में उपचाराधीन थी। शनिवार को उसकी मृत्यु के बाद अंग की प्रक्रिया को पूरा किया गया। परिवार की सहमति के बाद युवती का लिवर, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किए गए। इसमें एक किडनी प्रत्यारोपण अमृता अस्पताल में ही उपचाराधीन मरीज को दी गई थी, जबकि एक किडनी और लिवर दिल्ली के दो-दो अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों को दी गई।
अस्पताल प्रबंधन की जानकारी
अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार युवती फरीदाबाद की रहने वाली है और उसे सड़क दुर्घटना में सिर पर गंभीर चोट आई थी। कई अस्पतालों के चक्कर लगाने के बाद 20 अगस्त की देर रात उसे अमृता अस्पताल लाया गया। यहां उसे न्यूरो आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन मस्तिष्क की चोट बेहद गंभीर होने के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। निर्धारित चिकित्सा और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया। चिकित्सकों ने परिवार को मृतक अंगदान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। बेटी को खोने के गहरे दुख के बावजूद परिवार ने अंगदान के लिए सहमति दे दी। इसके बाद सरकारी नियमों और अनुमोदित प्रतीक्षा सूची के अनुसार अंग आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई।
अंगों को समय पर पहुंचाने का चैलेंज
अंगदान के बाद सबसे बड़ी चुनौती अंगों को निर्धारित समय में प्रत्यारोपण केंद्रों तक पहुंचाना था। इसके लिए हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने विशेष अंतरराज्यीय ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। यह कार्य शनिवार तड़के करीब तीन बजे किया गया। उस समय में सड़कों पर वाहन भी बहुत सीमित रहते हैं। दोनों राज्यों की पुलिस और यातायात टीमों ने आपसी समन्वय से परिवहन व्यवस्था संभाली। अंगों की उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण था। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के बीच समन्वय से पूरी प्रक्रिया को समय पर पूरा करना संभव हुआ। अमृता अस्पताल ने इस सहयोग के लिए उपायुक्त कार्यालय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश श्योकंद, डीसीपी सेंट्रल उषा, खेड़ी पुल पुलिस और दिल्ली पुलिस का आभार जताया।
मानवता का असाधारण उदाहरण
अमृता अस्पताल के हेड न्यूरोक्रिटिकल केयर एवं न्यूरोएनेस्थीसिया डॉ. गौरव कक्कड़ ने कहा कि ऐसे समय में परिवार का अंगदान का निर्णय असाधारण मानवता का उदाहरण है। युवती के अंग अब उन मरीजों को जीवन का एक और अवसर दिया है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है। जानकारी के अनुसार युवती ने पहले ही अंगदान के लिए पंजीकरण कराया हुआ था।
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