बेगूसराय में बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ ने कलेक्ट्रेट पर दिया धरना, शहर में जुलूस निकालकर जताया विरोध
बेगूसराय में आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मियों ने 26 हजार मासिक वेतन, नियमितीकरण और अन्य मांगों के लिए जुलूस निकाला। उन्होंने सरकार के प्रति नकारात्मक रवैये को उजागर करते हुए समाधान की मांग की। आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई है।

बेगूसराय में राज्य संघ के आह्वान पर बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ जिला शाखा बेगूसराय के बैनर तले सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर शहर में जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल कर्मी बैनर झंडा के साथ अपनी मांगों के समर्थन में एवं सरकार के खिलाफ़ नारा लगा रहे थे। जो शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए समाहरणालय गेट पर प्रर्दशन किया। प्रर्दशन सभा में तब्दील हो गई। अध्यक्षता संघ के जिला प्रतिनिधि रंजना राय, मुन्नी कुमारी, सरिता कुमारी अध्यक्ष मंडली ने संयुक्त रूप से की।
स्वास्थ्य कर्मियों की मांगें
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री मोहन मुरारी एवं संघ के संयोजक शंकर मोची ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में आशा कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान है। श्रम आयोग एवं महिला आयोग नियत वेतन की अनुशंसा के बावजूद आशा एवं आशा फेसिलिटेटर कर्मियों को तीन हजार मासिक मामूली प्रोत्साहन राशि की घोषणा की गई है, जो जीने लायक भी नहीं है। यह आशा कर्मी के साथ सरासर अन्याय है। प्रोत्साहन की राशि भी 6 से 11 माह से भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि सरकार से प्रोत्साहन नहीं मानदेय की मांग लगातार की जा रही है। लेकिन सरकार की हठधर्मिता एवं आशा जैसी महिला कर्मी के प्रति नकारात्मक रुख को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से आशा एवं फेसिलिटेटर को प्रोत्साहन के बदले बढ़ी हुई राशि सितंबर 2023 से मानदेय के रूप में देने, कम से कम न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक भुगतान, सभी की सेवा नियमित करने, सेवानिवृत्त होने पर 10 लाख भुगतान, सेवानिवृत्ति के पश्चात 10 हजार मासिक पेंशन देने, कार्य अवधि के दौरान निधन पर 10 लाख भुगतान, निजीकरण पर रोक, सभी को बगैर शुल्क के चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने, उम्र सीमा 65 बर्ष करने, सहित अन्य राज्य स्तरीय मांगों एवं जिला स्तरीय तथा स्थानीय स्तर पर सममय सभी देयता का भुगतान, वरीय कर्मचारी एवं पदाधिकारी द्वारा सम्मानजनक व्यवहार, रोगी/प्रसव ले जाने पर रात्रि में ठहरने आवागमन की समुचित व्यवस्था सहित अन्य समस्याओं की मांग सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से किया। उन्होंने कहा कि यदि समाधान नही किया गया तो आंदोलन को तीव्र करेगें।
राज्य महासंघ का आह्वान
उन्होंने कहा कि राज्य महासंघ के आह्वान पर जिला महासंघ द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर 10 अगस्त को जिला मुख्यालय में प्रर्दशन एवं 12 दिसम्बर को दिल्ली के रामलीला मैदान में पूरे देश के कर्मचारी रैली एवं प्रर्दशन आयोजित है। मौके पर महासंघ के संयुक्त मंत्री रामानंद सागर, सहायक जिला मंत्री अनिल कुमार गुप्ता, मिंटू कुमारी, निभा कुमारी, नीता कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, बेबी कुमारी, मुन्नी कुमारी, अनिता कुमारी, रेणु कुमारी, निशा कुमारी, पवन कुमारी, माला देवी, शिरोमणि देवी, शोभा कुमारी सहित दर्जनों नेताओं ने संबोधित किया। संघ के सात सदस्यीय शिष्ट मंडल ने मांगों से संबंधित संलेख डीएम को सौपा।
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लेखक के बारे में
Jitendra Kumar Pandeyशॉर्ट बायो: जितेंद्र कुमार पांडेय पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के छपरा जिला ब्यूरो टीम से जुड़कर शिक्षा, कृषि बीट में रिपोर्टिंग करते हैं। नियमित तौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रिपोर्टिंग करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
जितेंद्र ने सारण जिले के दाउदपुर से 2008 में रिपोर्टिंग की शुरुआत की। 2015 में छपरा जिला मुख्यालय में हिन्दुस्तान की ब्यूरो टीम का हिस्सा बने। प्रिंट के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
कॅरियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अपने कॅरियर की शुरुआत 2008 में हिन्दुस्तान अखबार से की। यहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2015 में जिला मुख्यालय में प्रिंट और डिजिटल में कदम रखा।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएमसी मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हैं। राष्ट्रीय स्तर की चार पांच खबरें एक्सक्लूसिव के तौर पर ब्रेक किया। इसके बाद राष्ट्रीय चैनलों ने भी उस खबर को उठाया।
विशेषज्ञता
खबरों में तथ्य उद्भेदन
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