बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर होगा स्वास्थ्यकर्मियों का भुगतान: डीसी
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जयनгар सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवार स्वास्थ्य मेला-2026 का शुभारंभ किया गया। उपायुक्त ने स्वास्थ्यकर्मियों के भुगतान को बायोमीट्रिक उपस्थिति पर आधारित करने और परिवार नियोजन के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए निर्देश दिए। अभियान में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया।

कोडरमा, वरीय संवाददाता। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जयनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शुक्रवार को परिवार स्वास्थ्य मेला-2026 का शुभारंभ उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता एवं सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने किया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि 14 जुलाई से स्वास्थ्यकर्मियों का भुगतान केवल बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर होगा। संस्थागत प्रसव बढ़ाने, प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित ट्रैकिंग सुनिश्चित करने तथा सहियाओं को अपने निर्धारित कार्यों में कम से कम 80 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानव संसाधन के बेहतर उपयोग के लिए एचआर रैशनलाइजेशन एवं मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया।
अभियान की शुरुआत
इस दौरान जिले में 11 जुलाई से 10 अगस्त तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरता अभियान की शुरुआत भी की गई। इस वर्ष अभियान की थीम "जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल" रखी गई है।
अभियान का उद्देश्य
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा कि अभियान का उद्देश्य परिवार नियोजन के प्रति जागरुकता बढ़ाना, योग्य दंपतियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने बताया कि जिला, प्रखंड, पंचायत और ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से विशेष गतिविधियां संचालित होंगी। सहिया, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर सहित स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दंपतियों को बच्चों के जन्म में उचित अंतराल, परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देंगे।
स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान
बेहतर काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगा सम्मान: अभियान के दौरान सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में परिवार नियोजन परामर्श एवं सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर लाभार्थियों को सेवाओं से जोड़ा जाएगा। पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी विशेष जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों एवं संस्थानों को सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, एसीएमओ, डीटीओ, डीएमओ, डीआरसीएचओ, जिला परिषद सदस्य, उपप्रमुख, सीओ, एमओआईसी, डीपीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।


