स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा मिलेगी : रेखा गुप्ता
सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु मेडिकल रूम की शुरुआत की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, यह पायलट परियोजना पहले 100 स्कूलों में शुरू होगी, जिसमें छात्रों को प्राथमिक चिकित्सा और परामर्श मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता
सरकारी स्कूलों में छात्रों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल रूम भी होगा। पायलट परियोजना के तौर पर पहले 100 स्कूलों में यह सुविधा शुरू होगी। यहां प्राथमिक इलाज और परामर्श की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि इस पहल का मकसद स्कूलों में जरूरत पड़ने पर छात्रों को प्राथमिक उपचार, बुनियादी स्वास्थ्य सहायता और परामर्श उपलब्ध कराना है। छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी असुविधा के दौरान मेडिकल रूम में सुरक्षित और निजी स्थान की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस परियोजना के परिणाम और मूल्यांकन के आधार पर इसे चरणबद्ध तरीके से 1,086 सरकारी विद्यालयों में यह सुविधा शुरू की जाएगी।
स्वास्थ्य कर्मचारियों की भूमिका
उन्होंने कहा कि स्कूलों के मेडिकल रूम में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी छात्रों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएंगे। आउटसोर्सिंग के आधार पर इन स्वास्थ्य कर्मचारियों की स्कूलों में सेवाएं ली जाएंगी। ये छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का काम भी करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस पहल को कम लागत और उच्च प्रभाव वाली व्यवस्था के रूप में तैयार किया है। इसके लिए स्कूलों में मौजूद आधारभूत ढांचा का उपयोग किया जाएगा। इस योजन पर अमल के लिए मौजूदा वित्त वर्ष के बजट में पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है। ताकि स्कूल का वातावरण छात्रों के लिए सुरक्षित, समावेशी और स्वास्थ्य-सहायक हो। छात्रों की पढ़ाई में होने वाले व्यवधान को कम किया जा सके और शारीरिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा दिया जा सके।


