बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की मछली से रहें सावधान, न खरीदें-न खाएं
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण बड़ी गंडक नदी में मछलियों के बहकर आने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित स्रोतों से मछलियों के सेवन से खाद्यजनित बीमारियों का खतरा बताया है। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने मछली विक्रेताओं और आमजन से सतर्क रहने की अपील की है।

कुशीनगर। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण बड़ी गंडक नदी में बड़ी संख्या में मछलियों के बहकर आने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क किया है। बाढ़ के दौरान नदियों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों का पानी दूषित होने की संभावना रहती है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित अथवा संदिग्ध जलस्रोतों से प्राप्त मछलियों के सेवन से खाद्यजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने आमजन, मछली विक्रेताओं, थोक व्यापारियों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है。
सीएमओ की सलाह
सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित या संदिग्ध स्रोत से प्राप्त मछली को न तो खरीदा जाए और न ही बेचा जाए। ऐसी मछली का सेवन भी नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर भरोसा करने तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में कहा गया है कि नेपाल की ओर बाढ़ से बहकर आई अथवा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से प्राप्त संदिग्ध मछलियों की बिक्री और खरीद से बचें। खुले में मरी हुई मछली या संदिग्ध स्रोत से मिली मछली को हाथ न लगाएं। ऐसी मछलियों की बिक्री के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्धता की जानकारी स्पष्ट न होने पर उन्हें बाजार में न लाने की सलाह दी गई है।
व्यापारियों के लिए निर्देश
विभाग ने मछली विक्रेताओं और व्यापारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित अथवा संदिग्ध जलस्रोतों से प्राप्त मछली को बाजार में बिक्री के लिए न लाएं। खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। आमजन से कहा गया है कि बाढ़ के पानी में मृत, कमजोर, असामान्य अवस्था में मिली या संदिग्ध दिखने वाली मछली का किसी भी स्थिति में सेवन न करें। मछली खरीदते समय उसके स्रोत और ताजगी की जानकारी जरूर लें। मछली को साफ पानी से अच्छी तरह धोने और पर्याप्त तापमान पर पकाने की सलाह भी दी गई है।
होटल-रेस्टोरेंट में भी बरतनी होगी सावधानी
एडवाइजरी में होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि प्रतिष्ठान में उपयोग की जा रही मछली का विश्वसनीय एवं सुरक्षित स्रोत सुनिश्चित करें। बाढ़ प्रभावित या संदिग्ध स्रोत से प्राप्त मछली का उपयोग ग्राहकों के भोजन में न किया जाए। सीएमओ डॉ . चंद्रप्रकाश ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मछली की बिक्री, उपलब्धता अथवा सेवन से जुड़ी जानकारी मिलने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचना दें। नेपाल की ओर से बाढ़ के बहकर आने वाली अथवा संदिग्ध स्रोत की मछली की बिक्री से संबंधित सूचना मिलने पर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने को कहा गया है। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने कहा कि सावधानी ही सुरक्षा है। बाढ़ प्रभावित या संदिग्ध स्रोत से प्राप्त मछली न खरीदें, न बेचें और न ही उसका सेवन करें।


