संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारी परखने राजधानी से आई टीम
गोण्डा के स्वास्थ्य विभाग ने बारिश के बाद संभावित संक्रामक रोगों से बचाव के लिए अलर्ट मोड में काम किया। लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने सीएचसी करनैलगंज और मेडिकल कॉलेज का दौरा किया, जहां डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफ्लाइटिस की जांच की तैयारियों का निरीक्षण किया।

गोण्डा, संवाददाता। बरसात के बाद संभावित संक्रामक रोगों से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ से तीन सदस्यीय टीम सोमवार को जनपद पहुंची। टीम ने सीएचसी करनैलगंज और मेडिकल कॉलेज में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफ्लाइटिस की जांच व बचाव की तैयारियों का निरीक्षण किया। जेडी मलेरिया डॉ. विकास सेंगर के नेतृत्व में आई टीम ने सबसे पहले सीएचसी करनैलगंज का दौरा किया। टीम में कीट वैज्ञानिक स्वदेश कुमार और वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक समीउल्लाह खां भी शामिल रहे। टीम ने लैब में जाकर डेंगू और चिकनगुनिया की जांच किट, माइक्रोस्कोप और रिपोर्टिंग सिस्टम की जानकारी ली।
लैब कर्मियों से मरीजों की सैंपलिंग, जांच की प्रक्रिया और डेटा एंट्री के बारे में सवाल किए। अधिकारियों ने बुखार के मरीजों की नियमित स्क्रीनिंग और रैपिड किट की उपलब्धता पर जोर दिया। इसके बाद टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां टीम ने डेंगू, चिकनगुनिया के साथ मलेरिया और जापानी इंसेफ्लाइटिस की जांच व्यवस्था का निरीक्षण किया। पैथोलॉजी में रखी जांच किट, दवाओं का स्टॉक की तैयारियों को देखा। डॉ. सेंगर ने कहा कि मानसून के बाद संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। टीम ने मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. बीना सिंह व सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी ली।


