स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा हुआ सतर्क
देवरिया में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य महकमा सतर्क है। महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कालेज में 10 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर समय पर जांच कराने की सलाह दी गई है।

देवरिया, निज संवाददाता। स्वाइन फ्लू को लेकर जिले का स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। इससे निपटने को महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कालेज में 10 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। सीएचसी, पीएचसी को भी स्वाइन फ्लू को लेकर विशेष निगरानी का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों को बीमारी के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर संदिग्ध मरीजों की आरटीपीसीआर जांच को जांच कीट और जरूरी दवायें खरीदने का निर्देश दिया है। गंभीर मरीजों की जांच को प्रदेश के आठ मेडिकल कालेजों में सेंपल भेजा जायेगा।
स्वाइन फ्लू की निगरानी
प्रदेश में इन्फ्लुएन्जा-ए-एच-1 एन-1 ने दस्तक दे दिया है। इसके मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने की तैयारी में जुट गया है। शासन ने स्वाइन फ्लू, मौसमी बुखार और वायरल फीवर के बढ़ते मामलों को देखते हुए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश जारी किया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें के महानिदेशालय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र जारी कर स्वाइन फ्लू, मौसमी बुखार और वायरल फीवर के मामलों की लगातार समीक्षा, प्रभावी निगरानी और मरीजों के जांच, इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
अस्पतालों की तैयारी
अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध एवं संक्रमित मरीजों की निगरानी और तत्काल उपचार की व्यवस्था करने में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है। स्वाइन फ्लू को देखते हुए जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया हैं। शासन ने अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने, पर्याप्त बेड, आक्सीजन सुविधा, आवश्यक दवाएं और जांच किट का स्टॉक रखने का निर्देश दिया है। संदिग्ध मरीजों की जांच को जिला मुख्यालय पर आरटीपीसीआर जांच को कीट और जरूरी दवायें खरीदने का निर्देश दिया है। स्वाइन फ्लू के गंभीर मरीजों की जांच को प्रदेश के आठ मेडिकल कालेजों में सेंपल भेजा जायेगा। इस बीमारी से निपटने को महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कालेज में 10 बेड का वार्ड बनाया गया है। जहां मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जायेगा।
टीकाकरण प्रक्रिया
इलाज में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को लगेगा टीका। स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों का इलाज करने, उनके संपर्क में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया जायेगा। ताकि इस बीमारी को अधिक लोगों तक फैलने से रोका जा सके। इसमें अस्पतालों के ओपीडी, इमरजेंसी, आईसीयू, स्वाइन फ्लू वार्ड में कार्यरत सभी डाक्टर, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, मरीजों के चिन्हिकरण सेंटर में तैनात कर्मी, प्रयोगशाला में नमूनों की जांच करने वाले कर्मियों का टीकाकरण किया जायेगा।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज घबराएं नहीं, लक्षण दिखने पर समय पर जांच करवाएं और डॉक्टर की सलाह के बिना खुद दवा न लें। इसके मरीजों का इलाज करने को मेडिकल कालेज में 10 बेड का वार्ड बनाया गया है।
डा. हरेन्द्र कुमार, नोडल अधिकारी।


