पोस्टमार्टम व मेडिकोलीगल के लिए चिकित्सक होंगे प्रशिक्षित
बस्ती में हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम में फॉरेंसिक मेडिसिन पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें 15 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया। यहां डॉक्टर्स को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिको लीगल मामलों में सही जानकारी देने के तरीके सिखाए गए।

बस्ती। पोस्टमार्टम व मेडिको लीगल की रिपोर्टिंग को लेकर हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। सोमवार को एडी हेल्थ बस्ती मंडल डॉ. नीरज पांडेय की मौजूदगी में मंडल के तीनों जिलों के 15 मॉस्टर ट्रेनरों की फोरेंसिक मेडिसिन कार्यशाला/प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह मॉस्टर ट्रेन अपने जिलों में जाकर अन्य चिकित्सकों को प्रशिक्षित करेंगे। इस दौरान सीएमओ डॉ. राजीव निगम के अलावा सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर के सीएमओ भी मौजूद रहे। लखनऊ से आए प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण प्रदान किया। एडी हेल्थ ने बताया कि आम तौर से पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण चिकित्सक अपनी रिपोर्ट में मौत का कारण निश्चित नहीं लिखकर रिपोर्ट प्रेषित कर देते हैं।
इंजरी की भी रिपोर्ट स्पष्ट नहीं रहती है। इसकी मुख्य वजह फोरंसिक मेडिसिन की जानकारी का अभाव है। यही रिपोर्ट जब न्यायालय में जाती है तो वहां पर समस्या होती है। चिकित्सकों से कहा गया है कि अब वह अपनी रिपोर्ट में यह लिखेंगे कि बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट व मेडिकोलीगत ऑनलाइन किए जाने के संबंध में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एक-एक महिला चिकित्सकों को भी शामिल किया गया था। उन्हें मेडिकोलीगल के लिए आने वाली पीड़िताओं से किस तरह का व्यवहार किया जाए आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। टाईप ऑफ इंजरी, इंजरी की पहचान, यौन उत्पीड़न, फॉयरआर्म इंजरी, प्वायजनिंग केस, स्नेक बाइट, हॉस्पिटल डेथ केस, बंदी की मौत, अन्य महत्वपूर्ण केस में किस तरह रिपोर्ट तैयार करनी है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. अशोक चौधरी, डॉ. आलोक पांडेय, डॉ. अहमद फरदीन, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. वरुणानंद व डॉ. शीबा अशरफ खान व अन्य जिलों के चिकित्सक शामिल रहे।


