सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों पर कड़ी निगरानी, अनुपस्थित मिले तो होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से राज्यभर के सरकारी अस्पतालों पर नजर

भागलपुर, वरीय संवाददाता। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व अस्पताल समेत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग के सचिव कुमार रवि द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब पटना स्थित स्वास्थ्य विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में रोस्टर के अनुरूप ओपीडी, आईपीडी और 24 घंटे संचालित इमरजेंसी सेवाओं में चिकित्सकों की उपस्थिति की निगरानी सीसीटीवी व अन्य बायोमेट्रिक विधि से करेगा।विभाग ने कहा है कि रेफरल व्यवस्था को मजबूत बनाने, आईसीयू की प्रभावी क्रियाशीलता बनाए रखने और इमरजेंसी सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए अस्पतालों में चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
उल्लेखनीय है कि सात से 17 जुलाई 2026 के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठकों में भी सभी चिकित्सकों को रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था। आदेश के अनुसार निगरानी के दौरान यदि कोई चिकित्सक निर्धारित ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है तो उसकी सूचना कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा सीधे स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। रेफरल व्यवस्था के तहत शहर के सदर अस्पताल समेत जिले के अनुमंडलीय, रेफरल व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ की जाएगी। कहा गया कि अस्पताल में कार्यरत किसी भी डॉक्टर, नर्स या अन्य स्वास्थ्यकर्मी के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट या किसी प्रकार की गलत हरकत न हो।


