सदर अस्पताल में 27 प्रकार के ऑपरेशान शुरू, संसाधन की कमी
स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल में 75 प्रकार की सर्जरी की सुविधा सुनिश्चित करने का दिया था लक्ष्य इन ऑपरेशन थियेटर में पुराने उपकरण को दुरुस्त कर सर्जरी की जा रही है कई तरह के उपकरण की कमी के कारण...

हाजीपुर । एक प्रतिनिधि स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल में 75 प्रकार की सर्जरी की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया था। सदर अस्पताल में विभाग के दिशा-निर्देश के अनुसार ऑपरेशन थियेटर में उपलब्ध संसाधनों को दुरुस्त कर ऑपरेशन शुरू किया है, लेकिन लक्ष्य के मुकाबले कम ऑपरेशन हो रहा है।
ऑपरेशन थियेटर की स्थिति
सदर अस्पताल में पांच ऑपरेशन थियेटर (ओटी) है, जिसमें जेनरल ओटी, प्रसव ओटी, नेत्र ओटी, दंत ओटी, आर्थों ओटी है। इन ओटी के लिए ओटी शल्य कक्ष सहायक मात्र एक बताया गया है। इन ऑपरेशन थियेटर में पुराने उपकरण को दुरुस्त कर सर्जरी की जा रही है। आर्थों ओटी में आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण ऑर्थों ओटी में ऑपरेशन नहीं हो रहा है। अस्पताल के सर्जनों ने बताया कि जेनरल ओटी में भी कई तरह के उपकरण की कमी के कारण सर्जरी में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। ओटी में लाइट की कमजोर व्यवस्था के कारण, पुराने कैची, बेहोशी के लिए गैस आदि की कमी के कारण लक्ष्य के मुकाबले कम ऑपरेशन हो रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि टारगेट के अनुरुप सर्जरी के लिए सर्जिकल यूनिट और सर्जिकल यूनिट में सहायक चिकित्सक की व्यवस्था जरूरी है। अस्पताल में पांच सर्जन पदस्थापित सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त सर्जन समेत पांच सर्जन पदस्थापित हैं।
प्रसव ओटी और सर्जरी की संख्या
इसके अलावा सदर अस्पताल स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल के प्रसव ओटी में स्त्री रोग विशेषज्ञों के द्वारा सबसे ज्यादा सिजेरिय डिलीवरी हो रहा है। अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि प्रसव ओटी में प्रतिदिन 10 से 15 सफल सिजेरियन डिलीवरी, प्रसव ओटी में लोअर सेजमेंट सेक्शन (एलएससीएस) यानी सिजेरिया डिलीवरी समेत पीपीएस का 1566 सर्जरी बताया गया है। सदर अस्पताल के जेनरल ओटी में हर्निया, अपेडिक्स, छाती में गांठ, हाइड्रोसिल, सिस्ट समेत 27 तरह के ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। प्रतिदिन नौ सौ से अधिक मरीज का रजिस्ट्रेशन सदर अस्पताल में चिकित्सीय सुविधाओं के विस्तार के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 900 एवं अधिकतम 1000 से अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है।
अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार
अस्पताल में मरीजों के लिए नि:शुल्क एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, डायलिसिस, पैथोलॉजिकल जांच, हदय रोगियों के लिए ईसीजी की सुविधा उपलब्ध है। सदर अस्पताल में जगह की कमी चिकित्सकों का कहना है कि वैशाली जिला बनने के बाद अनुमंडल अस्पताल को सदर अस्पताल का दर्जा दिया गया, लेकिन जगह के अभाव में चिकित्सीय सुविधाओं के विस्तार के लिए जगह कम पड़ गया है। जगह के अभाव में एएनएम ट्रेनिंग स्कूल भवन को तोड़कर गंभीर मरीजों के लिए 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण हो रहा है। क्रिटिकल वार्ड बनने के बाद हदय रोग समेत अन्य गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगा। जय प्रकाश


