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भारत में लेनी है आखिरी सांस, कबूतरबाजी से US गए बुजुर्ग स्वदेश लौटे

बुजुर्ग निशांत सिंह लुधियाना के रहने वाले हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा था। वह 2003 में पहली बार अमेरिका गए थे। वहां लगभग 9 साल तक ट्रक चालक का काम किया।

भारत में लेनी है आखिरी सांस, कबूतरबाजी से US गए बुजुर्ग स्वदेश लौटे
Nisarg Dixitहिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 22 Nov 2022 05:26 AM

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अवैध तरीके से कबूतरबाजी के जरिए अमेरिका गए 84 वर्षीय बुजुर्ग आठ साल बाद भारत लौट आए, क्योंकि वह भारत की धरती पर अपनी आखिरी सांस लेना चाहते हैं। उन्हें यह पता था कि लौटने पर एयरपोर्ट से वह गिरफ्तार हो जाएंगे। लेकिन उनकी जिद थी कि वह उसी धरती पर प्राण त्यागेंगे जहां उनका जन्म हुआ है।

पुलिस ने आरोपी बुजुर्ग को गिरफ्तार करने के बाद जांच में सहयोग करने की शर्त के साथ छोड़ दिया है। बुजुर्ग को दो बार दिल का दौरा आ चुका है और वह ब्लड प्रेशर और मधुमेह से भी पीड़ित है।

बुजुर्ग निशांत सिंह लुधियाना के रहने वाले हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा था। वह 2003 में पहली बार अमेरिका गए थे। वहां लगभग 9 साल तक ट्रक चालक का काम किया। जून 2012 में दामाद ने उनकी पत्नी और बेटे की हत्या कर दी। उस समय उनका बेटा लगभग 18 वर्ष का था। इसके बाद वह भारत लौट आए। यहां उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद वह लगभग दो साल तक मामले की पैरवी करते रहे।

बेटी ने बुलाया था 2014 में अमेरिका में रहने वाली उनकी बेटी ने उन्हें अपने पास बुलाया। पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी। अमेरिका में रहने वाले उनके एक दोस्त ने उन्हें एजेंट के बारे में बताया। एजेंट ने उन्हें अमेरिका भिजवा दिया था। वह अपनी बेटी के साथ केलिफोर्निया में रहते थे और खेती-बाड़ी कर रहे थे। 2014 से 2022 तक वह अपनी बेटी के पास ही रहे।

अक्टूबर में लिया वतन लौटने का फैसला
बीते अक्तूबर में निशांत सिंह ने भारत लौटने का फैसला किया। उन्होंने बेटी को बताया कि जीवन का अंतिम क्षण वह लुधियाना में बिताना चाहते हैं। वह अमेरिकी एजेंसी के पास गए और बताया कि वह भारत से अवैध तरीके से आए थे। उन्हें इमरजेंसी टिकट देकर नवंबर में आईजीआई एयरपोर्ट भेज दिया गया। यहां इमिग्रेशन ने उन्हें पकड़ा और आईजीआई पुलिस के हवाले कर दिया।

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