न्यायिक अधिकारियों को एतिहासिक निर्णय की दी जानकारी
न्यायिक अधिकारियों की आयोजित कार्यशाला में मौजूद न्यायिक अधिकारी न्यायिक अधिकारियों को एतिहासिक निर्णय दी जानकारीन्यायिक अधिकारियों को एतिहासिक निर्णय

हाथरस। जनपद न्यायाधीश विनय कुमार की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण के सतत सीखने हेतु वातावरण निर्मित किये जाने के उद्देश्य से जनपद न्यायालय में सिविल जज वरिष्ठ प्रभाग ईशा अग्रवाल द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण को नवीनतम आदेश निर्णय के सम्बध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि न्यायिक अधिकारियों के भीतर ज्ञान के निरंतर संवर्द्धन और ‘सतत सीखने हेतु एक सकारात्मक वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला न्यायालय परिसर में एक महत्वपूर्ण विधिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान लखनऊ के दिशा-निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश विनय कुमार की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यशाला के मुख्य सत्र में सिविल जज ईशा अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारीगण को उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए नवीनतम आदेशों, ऐतिहासिक निर्णयों और कानूनी सिद्धांतों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा और विधिक मंथन किया गयाः नवीनतम नजीरों का क्रियान्वयन सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा कानून के विभिन्न पहलुओं पर दिए गए हालिया फैसलों को केसों की सुनवाई के दौरान प्रभावी रूप से लागू करने पर बल दिया गया। त्वरित एवं सुलभ न्यायः त्वरित न्यायालय और दीवानी मामलों में प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए लम्बित मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण करने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। इस विधिक कार्यशाला में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, विजय डूंगराकोटि, नोडल अधिकारी प्रशान्त कुमार एवं जनपद न्यायालय के समस्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा अन्य न्यायिक अधिकारीगण से उपस्थित रहे। इसके साथ ही तीन दिवसीय लघु आपराधिक वादों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस विशेष लोक अदालत में कुल 24 वादों का निस्तारण किया गया। 12 सितम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।


