सुपर-सौ में सीटें बढ़ने से मेधावी छात्रों को अवसर मिलेंगे
गुरुग्राम में सुपर-100 कार्यक्रम में 100 नई सीटें जोड़ी गई हैं, जिससे सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को IIT, NIT और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी का अवसर मिलेगा। ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुका है और 25 जुलाई से विशेष कोचिंग प्रारंभ होगी।

गुरुग्राम, साक्षी रावत। सुपर-100 कार्यक्रम का दायरा बढ़ाते हुए इस वर्ष 100 अतिरिक्त सीटें जोड़ दी हैं। इससे गुरुग्राम के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए आईआईटी, एनआईटी, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी का अवसर पहले से अधिक हो गया है। प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुका है। चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी और चयनित विद्यार्थियों की विशेष आवासीय कोचिंग 25 जुलाई से शुरू होगी। गुरुग्राम जिले में पिछले कुछ वर्षों में सुपर-100 योजना के प्रति विद्यार्थियों का रुझान लगातार बढ़ा है। हर साल जिले के कई विद्यार्थी इस योजना के लिए चयनित होते हैं और इनमें से कई छात्र जेईई मेन, जेईई एडवांस तथा नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचते हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि सीटें बढ़ने से इस बार जिले से अधिक विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
सुपर-100 योजना का प्रदर्शन
इससे पहले सुपर-100 योजना के पिछले चयन में गुरुग्राम के विद्यार्थियों ने प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। दूसरे चरण की परीक्षा में जिले के 38 विद्यार्थियों का अंतिम चयन हुआ था, जिससे गुरुग्राम पूरे हरियाणा में तीसरे स्थान पर रहा था। हिसार 71 और जींद 55 चयनित विद्यार्थियों के साथ पहले दो स्थानों पर रहे थे, जबकि गुरुग्राम ने फरीदाबाद सहित कई जिलों को पीछे छोड़ा था।
विद्यार्थियों का चयन
जिला शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर उनका समय पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया जाए। साथ ही स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों को योजना की जानकारी देने तथा अधिक से अधिक आवेदन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने को भी कहा गया है।
सुपर-100 योजना की विशेषताएँ
सुपर-100 योजना विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई थी, जो आर्थिक कारणों से महंगी प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग नहीं ले पाते। चयनित विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों की निगरानी में निशुल्क आवासीय कोचिंग, अध्ययन सामग्री, नियमित टेस्ट, डाउट क्लास, करियर काउंसिलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाता है। यही वजह है कि हर साल इस योजना से निकलने वाले विद्यार्थियों की सफलता दर लगातार बेहतर रही है। इस बार मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के बाद सीटों की संख्या बढ़ाए जाने का उद्देश्य अधिक से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को इस योजना से जोड़ना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्रों को समान अवसर मिलेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन भी बेहतर होगा।
सचिवालय की पहल
जिला शिक्षा अधिकारी इंदू बोकन ने बताया कि गुरुग्राम में भी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने पात्र विद्यार्थियों की सूची तैयार करने और उन्हें आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देने का काम शुरू कर दिया है। कोई भी योग्य छात्र केवल जानकारी के अभाव में इस योजना से वंचित न रहे, इसके लिए स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
क्या है सुपर-100 योजना
हरियाणा सरकार की सुपर-100 योजना के तहत सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों का चयन परीक्षा और मेरिट के आधार पर किया जाता है। चयनित विद्यार्थियों को आईआईटी-जेईई, नीट और अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी तरह निशुल्क आवासीय तैयारी कराई जाती है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचाना है।
इस बार की प्रक्रिया
ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुका है। चयन दो चरणों में पूरा किया जाएगा। चयन सूची जारी होने के बाद 25 जुलाई से नियमित कोचिंग कक्षाएं शुरू होंगी। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों से समय पर आवेदन सुनिश्चित कराने और पात्र विद्यार्थियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं।


