भ्रष्टाचार की शिकायत देने के लिए एसीबी एक सप्ताह में ऐप लॉन्च करेगी
फरीदाबाद के एसीबी महानिदेशक एएस चावला ने घोषणा की कि जल्द ही एक मोबाइल ऐप लॉन्च होगा, जिससे नागरिक भ्रष्टाचार की शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे। ऐप की पहचान गोपनीय रहने का विकल्प होगा। चावला ने नागरिकों से अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ बेfearई शिकायत करें।

फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक एएस चावला ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ब्यूरो जल्द ही एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे। यह ऐप एक सप्ताह के अंदर तैयार हो जाएगा। शुक्रवार को एसीबी के सेक्टर-78 थाने के शिलान्यास के वक्त उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस ऐप पर किसी भी सरकारी कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार की जानकारी दी जा सकेगी। यदि शिकायतकर्ता के पास घटना का वीडियो या अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध है, तो उसे भी ऐप पर अपलोड किया जा सकेगा।
शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐप में उनकी पहचान गोपनीय रखने का विकल्प भी उपलब्ध होगा। एएस चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन अधिकारी या कर्मचारी से आम लोग परेशान हैं, उनके खिलाफ बिना डर शिकायत करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।इससे पूर्व राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक ने थाने के अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास किया। करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन चार मंजिला होगा। यह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें सोलर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। विभाग का लक्ष्य अगले दो वर्षों में भवन निर्माण कार्य पूरा करने का है। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एसडीओ शमशेर सिंह ने बताया कि करीब 1905 वर्ग गज क्षेत्रफल में बनने वाले इस परिसर में लगभग 30 हजार वर्ग फुट में भवन का निर्माण किया जाएगा। भवन में एक बेसमेंट और स्टिल्ट पार्किंग की सुविधा होगी, जहां आठ वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक एसपी, पांच डीएसपी और अन्य जांच अधिकारियों के लिए अलग-अलग कार्यालय बनाए जाएंगे। कर्मचारियों और अधिकारियों की सुविधा के लिए कैंटीन की व्यवस्था भी होगी। इसमें मैस, कैंटीन और रात में ठहरने के लिए भी व्यवस्था होगी।
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