हर्ष फायरिंग: आरोपित हॉस्टल संचालक पर किसी तरह की कार्रवाई पर रोक
मुजफ्फरपुर के परसौनी जहांगीर गांव में शादी समारोह में हर्ष फायरिंग के मामले में हॉस्टल संचालक रमेंद्र सिंह के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लग गई है। यह रोक अग्रिम जमानत की अर्जी पर प्रधान जिला न्यायालय द्वारा लगाई गई है। पुलिस ने गार्ड रामकिशोर मिश्रा को गिरफ्तार किया था।

मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। साहेबगंज थाने के परसौनी जहांगीर गांव में 29 जून की रात शादी समारोह में हर्ष फायरिंग में तीन लोगों के घायल होने के मामले के आरोपित हॉस्टल संचालक रमेंद्र सिंह के विरुद्ध किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। यह रोक उनकी ओर से दाखिल अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कोर्ट ने लगाई है। इस अर्जी को अगली सुनवाई के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-10 के कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां गुरुवार को सुनवाई होगी।
आरोप का विवरण
रमेंद्र सिंह पर आरोप है कि उनके लाइसेंसी राइफल से हॉस्टल के गार्ड रामकिशोर मिश्रा ने शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग किया था। रमेंद्र सिंह पर यह भी आरोप है कि हर्ष फायरिंग के लिए वे गार्ड को उकसा रहे थे। पुलिस ने गार्ड रामकिशोर मिश्रा को गिरफ्तार करते हुए राइफल व तीन कारतूस जब्त किया था।
एफआईआर विवरण
मालूम हो कि हर्ष फायरिंग में गोली लगने से घायल परसौनी जहांगीर गांव के मजदूर बिच्चू पासवान उर्फ अनिल पासवान के बयान पर साहेबगंज थाने में 30 जून को अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की जांच के क्रम में मिठनपुरा स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल के निजी गार्ड कथैया के रामकिशोर मिश्रा पर राइफल से हर्ष फायरिंग करने का आरोप लगा। यह लाइसेंसी राइफल हॉस्टल संचालक व सेवानिवृत्त प्रोफेसर रमेंद्र सिंह के नाम पर है।


