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हरदोई रेल हादसा : रेल पटरियों की रक्षा करने वाले गैंगमैन ही सुरक्षित नहीं

Gangmen in Indian Railways protecting Rail tracks are not safe (Symbolic Image)

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में कोलकाता-अमृतसर अकालतख्त एक्सप्रेस ट्रेन से चार कर्मियों की मौत की घटना ने एक बार फिर गैंगमैनों की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। रेल नियम में पटरियों की मरम्मत के दौरान गैंगमैनों के लिए ट्रेन आने पर हूटर बजाना, रक्षा जैकेट व मॉर्डन रक्षक डिवाइस उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके बावजूद देशभर में रेल पटिरयों के लगभग 2.5 लाख रक्षकों (गैंगमैन) का जीवन दांव पर लगा हुआ है।

रेलवे के अनुसार, पटरियों मरम्मत करते हुए हर साल 400 गैंगमैन कटकर मर जाते हैं। इसको देखते हुए पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 2016-17 के रेल बजट में गैंगमैनो को मॉर्डन रक्षक डिवाइस उलब्ध कराने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि हर साल पटरियों की मरम्मत के दौरान बड़ी संख्या में गैंगमैन कटकर मर जाते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा के उपाय लागू किए जाएंगे। इसमें रक्षक डिवाइस देने की बात कही गई। इस डिवाइस की मदद से गैंगमैन को 400-500 मीटर की दूरी पर टे्रन होने पर डिवाइस बीप के साथ अलर्ट कर देगा। यह डिवाइस खासकर कोहरे, बारिश व खराब मौसम में ट्रेन नहीं दिखाई पड़ने पर गैंगमैनों की जीवन बचाएगा।

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सूत्रों का कहना है कि रेलवे 31 जनवरी 2016 से आज तक कितने गैंगमनों को रक्षक डिवाइस दिया गया। इसकी जानकारी रेलवे प्रवक्ता व संबंधित अधिकारी नहीं दे सके। 

एक डिवाइस की कीमत लगभग 80,000 रुपये है। इस प्रकार लगभग 2.5 लाख गैंगमैनों को डिवाइस देने के लिए रेलवे को दो हजार करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। वहीं, उत्तर रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि गैंगमैन ब्लाक लिए बगैर पटरी पर मरम्मत कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मौके पर कार्यरत गैंगमैन रक्षा जैकेट पहने हुए थे। हूटर का इंतजाम था, लेकिन गैंगमैनों के पास रक्षक डिवाइस थे या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। रेल नियम के अनुसार गैंगमैन रक्षा जैकेट पहनकर काम करेंगे। इससे ट्रेन ड्राईवर दूर से पटरियों की मरम्मत कर रहे गैंगमैनों को देख सके। ट्रेन आने पर मेट को हूटर बजाकर गैंगमैनों को अलर्ट करना चाहिए था। यदि नियमों का पालन होता तो शायद चार गैंगमैनों की जान बच जाती। यह घटना डिवीजन स्तर पर रेलवे कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।

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सेक्शन इंजीनियर पर मुकदमा हो

एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि ब्लाक लिए बगैर सीनियर सेक्शन इंजीनियर गैंगमैनों पर दबाव डालकर पटरियों की मरम्मत का कार्य करा रहा था। इसलिए उसके खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी से मुलाकात करेंगे। जिससे गैंगमैनों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी आश्वासन दिया है कि लाल झंडा लगाकर ही कोई भी मरम्मत कार्य किया जाएगा और रक्षक डिवाइस गैंगमैनों को जल्द ही देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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