पर्यारवरण संरक्षण के लिए हापुड़ पुलिस की अनूठी पहल
पर्यावरण सुरक्षा के लिए हापुड़ पुलिस ने एक सराहनीय कदम उठाया है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे वृक्षारोपण करें। पुलिस का मानना है कि पेड़ न सिर्फ जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि समाज की समृद्धि के लिए भी आवश्यक हैं। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे पर्यावरण को बचाने के लिए सक्रिय रहें।

पर्यावरण सुरक्षित तो कल सुरक्षित, बुजुर्गों की यह कहावत आज के दौर में सबसे सटीक बैठती है। आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य को लेकर जहां आम जमता में जागरूकता की कमी देखी जा रही है, वहीं अब हापुड़ पुलिस ने इस दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम बढ़ाया है। पुलिस ने पर्यावरण को बचाने और लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। इस ओडियो को जिले के लोगों ने जमकर पसंद करते हुए पुलिस की पहल की सराहना की है। हापुड़ पुलिस द्वारा जारी संदेश में कहा गया है कि वृक्षों के बिना हमारी धरती सूनी और अधूरी है। पेड़ न सिर्फ हमें छाया और जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पक्षियों को आश्रय भी देते हैं। पुलिस का मानना है कि पेड़ लगाना हर मानव का परम कर्तव्य और धर्म है, क्योंकि यही हमारे देश और समाज की वास्तविक समृद्धि की थाती (धरोहर) है。
पौधारोपण अभियान की अपील
इस अभियान के तहत हापुड़ और देश के तमाम लोगों से बेहद भावुक अपील की गई है। संदेश में कहा गया है कि जिस तरह धरती हमारी माता है, उसी तरह अपनी जन्म देने वाली मां के सम्मान में हर नागरिक को एक पौधा अवश्य रोपना चाहिए। पुलिस ने अपने इस संगीतमय पैगाम में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण के संदेशों का भी जिक्र किया गया है।
सामाजिक पहल की सराहना
हापुड़ पुलिस ने सभी निवासियों से एकजुट होकर पौधे लगाने और धरती मां की गोद हरी-भरी करने का आह्वान किया है। पुलिस की इस सांस्कृतिक और सामाजिक पहल की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है। पुलिस का मानना है कि इस संगीतमय संदेश के जरिए लोग पर्यावरण की महत्ता को समझेंगे और इस मानसून सीजन में बढ़-चढ़कर पौधारोपण अभियान का हिस्सा बनेंगे।
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लेखक के बारे में
Mulit Tyagiमुलित त्यागी पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हापुड़ में ब्यूरो इंचार्ज पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मुलित त्यागी भारतीय मीडिया जगत का प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) हापुड़ ब्यूरो में इंचार्ज हैं। 2007 में गढ़मुक्तेश्वर में भूख से मौत प्रकरण में 44 दिनों तक विशेष खबरें की जिससे जरिए उन्हें पत्रकारिता में मजबूत पहचान मिली। भूख से गरीब की मौत, लखीमपुर में बाढ़ का दंश, बदायूं में दो बहनों की लाश पेड़ पर लटकाना, हापुड़ में अरबों रुपये कीमत की सेना की भूमि पर अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई जैसी खबरों का मुलित ने ब्रेक किया है।
कॅरियर का सफर
मुलित त्यागी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण समाचार पत्र से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में अमर उजाला के साथ जुड़े। अमर उजाला में जूनियर सब एडिटर रहते गढ़मुक्तेश्वर तहसील इंचार्ज बनें। 2012 तक वहीं पर लगातार काम किया। एक जनवरी 2013 को हिन्दुस्तान बरेली में ज्वाइन किया और फिर लखीमपुर जिले में ब्यूरो इंचार्ज बनें। 24 फरवरी 2014 को बदायूं जिले में जिम्मेदारी दी गई। अक्तूबर 2014 से हापुड़ ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी के साथ-साथ बीए और राजनीति विज्ञान में एमए उत्तीर्ण।
कार्य और लक्ष्य
कई मामलों में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। मुलित का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


