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अस्पताल पर महिला का गंभीर आरोप, बेटा पैदा हुआ था थमा दी बेटी, घर में किसी से नहीं मिलती शक्ल

एक महिला ने गुरुग्राम के बादशाहपुर स्थित एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाया है। 30 साल की महिला का आरोप है कि उसने फरवरी में अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था लेकिन उन्हें बदलकर किसी और का बच्चा थमा दिया गया। टीकली गांव की रहने वाली महिला को शिकायत दर्ज कराने में पूरे 7 महीने लग गए। पुलिस ने बताया कि सोमवार को महिला की शिकायत तब दर्ज की गई जब परिवार ने मुख्यमंत्री के विंडो पोर्टल पर दस्तक दी। 

शिकायतकर्ता महिला मरजीना ने 7 फरवरी को एक बच्चे को जन्म दिया था। मरजीना का आरोप है कि एक घंटे तक बच्चा मांगने के बावजूद अस्पताल का स्टाफ परिवार को बच्चे का लिंग नहीं बता रहा था। बाद में परिवार को एक बेटी सौंप दी गई। जो बिलकुल नवजात नहीं मालूम पड़ रही थी। महिला का कहना है कि- मुझे संदेह है कि ये बच्चा मेरा है। हम गरीब लोग है और हमारे पास उस बच्ची को घर ले जाने के सिवा कोई रास्ता नहीं था। हमने कई सीनियर डॉक्टरों से शिकायत की लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। महिला का दावा है कि उसने एक बेटे को जन्म दिया था। 

मरजीना के पति ने कहा कि- हमें दी गई बच्ची की शक्ल परिवार में किसी से भी नहीं मिलती जब मैं अस्पताल गया तो उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी को कोई मानसिक बीमारी है। परिवार को आरोप है कि वे पहले भी इसको लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराते रहे हैं और फरवरी, मार्च में इसके लिए सीएम को भी खत लिखा था। 

वहीं बादशाहपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ मुकेश कुमार मन का कहना है कि उनके पास इसको लेकर किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। उन्होंने कहा कि हमने अस्पताल जाकर छानबीन की तो मालूम हुआ कि 7 फरवरी को केवल एक ही डिलीवरी उस अस्पताल में हुई थी। पुलिस ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं और बुधवार को परिवार को डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया गया है। यहां धारा 417 (धोखाधड़ी), 420 (ठगी) और 120 B (साजिश) का मामला दर्ज किया गया है।  हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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  • Web Title:gurugram woman alleges newborn swapped in hospital asks for dna test