आधुनिक तकनीकों से हृदय रोगों की पहचान हुआ:राजेश नागर
-राज्यमंत्री राजेश नागर ने 16वें आईआईसी समिट का किया उद्घाटन गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य

गुरुग्राम, अमर मौर्य। हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे लगातार शोध और नवाचारों ने हृदय रोगों की पहचान एवं उपचार को नई दिशा दी है। राजेश नागर शनिवार को गुरुग्राम के एक होटल में आयोजित 16वें आईआईसी समिट 2026 का उद्घाटन करने के दौरान कही। मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के कारण आज जटिल हृदय रोगों का इलाज पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से संभव हो रहा है। नई तकनीकों को साझा करने के साथ भविष्य की चुनौतियों पर मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करते हैं।ट्रांसफॉर्मिंग
स्ट्रक्चरल एंड कोरोनरी हार्ट डिजीज विषय पर आयोजित दो दिवसीय 16वें आईआईसी समिट 2026 की थीम एविडेंस, एक्सपर्टीज, एवोल्यूशन है। 22 और 23 अगस्त को आयोजित हो रहे इस समिट के पहले दिन 22 अगस्त को देश-विदेश से आए कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों ने हृदय रोगों के आधुनिक उपचार, नई तकनीकों और जटिल मामलों पर चर्चा की। राज्यमंत्री राजेश नागर ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हृदय की सेहत और खान-पान का सीधा संबंध है। अधिक नमक, चीनी और तेल का सेवन, असंतुलित खान-पान तथा मिलावटी या घटिया खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए लोगों को स्वस्थ खान-पान के साथ-साथ अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ लोगों को हृदय रोगों से बचाव, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आईआईसी समिट शोध, नई तकनीकों, विशेषज्ञ अनुभवों और आपसी सहयोग के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इस मौके डॉ. रजनीश कपूर, डॉ. आर.आर. कसलीवाल, डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. राकेश कुमार जसवाल, डॉ. निशिथ चंद्रा, डॉ. अजीत मुल्लासारी, डॉ. युगुल के. मिश्रा, डॉ. अमित चौरसिया, डॉ. राजाराम अनंतरमन, डॉ. टी.एस. क्लेर, डॉ. ईबरहार्ड ग्रूबे, डॉ. अमर कृष्णास्वामी, डॉ. अनिल ढल्ल, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. विजय त्रेहन, डॉ. एच.के. बाली, डॉ. यो खंग केओंग, डॉ. सैम डॉकिन्स, डॉ. मनीष बंसल और डॉ. प्रवीण चंद्रा सहित देश-विदेश से आए अनेक विशेषज्ञ मौजूद रहे।


