सेक्टर-4 में खिलाड़ियों के लिए नई अकादमी खुलेगी
खेल विभाग की ओर से सेक्टर-4 स्थित इक्वेस्टियन स्पोर्ट्स अकादमी को जांच के बाद मिली स्वीकृति

गुरुग्राम, साक्षी रावत। शहर में खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने की दिशा में एक और कदम बढ़ा है। सेक्टर-4 स्थित इक्वेस्टियन स्पोर्ट्स अकादमी को खेलो इंडिया सेंटर के लिए चुना गया है। इससे अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे और भविष्य में यहां जुड़ने वाले खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद जगी है। जिले से इस योजना के लिए दो आवेदन सामने आए थे, लेकिन दस्तावेज और निर्धारित मानकों की जांच के बाद एक आवेदन में कमियां मिलने पर उसे आगे नहीं बढ़ाया गया। सभी आवश्यक मानक पूरे करने वाली सेक्टर-4 की अकादमी को मंजूरी दी गई है। खेलो इंडिया का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को मैदान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उनके प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन तक एक मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। योजना के तहत खेल केंद्रों और अकादमियों को प्रशिक्षण, उपकरण और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए सहायता देने का प्रावधान है। गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते शहर में खेल सुविधाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। स्कूलों और निजी अकादमियों में बड़ी संख्या में बच्चे विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण ले रहे हैं, लेकिन प्रतिभा को लंबे समय तक उच्च स्तर का प्रशिक्षण, अच्छे उपकरण और प्रतियोगिता का अनुभव दिलाना कई परिवारों के लिए चुनौती बन जाता है। खेलो इंडिया से जुड़ने के बाद ऐसी जरूरतों को पूरा करने के लिए संस्थागत सहयोग मिलने की संभावना बढ़ती है।
खेलो इंडिया के दिशा-निर्देश
खेलो इंडिया के मौजूदा दिशा-निर्देशों में मान्यता प्राप्त अकादमियों को जरूरत के आधार पर प्रशिक्षण, उपकरण, खेल विज्ञान, कोचिंग और अन्य सुविधाओं के लिए सहायता का प्राविधान है। योजना में अकादमियों के मूल्यांकन में प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रदर्शन और खिलाड़ियों के विकास जैसी बातों को भी महत्व दिया जाता है। अकादमी के चयन से सबसे बड़ा बदलाव प्रशिक्षण व्यवस्था में आने की उम्मीद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां नियुक्त प्रशिक्षक को मानदेय दिया जाएगा और अकादमी को खेल सुविधाओं तथा उपकरणों को मजबूत करने के लिए आर्थिक सहयोग मिलेगा। इससे खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण के साथ बेहतर अभ्यास वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
प्रशिक्षक और मेंटर का महत्व
सरकारी योजना के तहत खेल केंद्रों में अनुभवी खिलाड़ियों को प्रशिक्षक या मेंटर के रूप में जोड़ने पर भी जोर दिया जाता है। इससे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिताओं की तैयारी और खेल के अनुभव का भी लाभ मिल सकता है। अकादमी को खेलो इंडिया से जोड़ने का महत्व इसलिए भी है क्योंकि खिलाड़ियों के विकास में केवल रोजाना का अभ्यास पर्याप्त नहीं होता। जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के साथ राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों का अनुभव खिलाड़ी के प्रदर्शन को निखारता है। खेलो इंडिया की व्यवस्था में प्रतियोगिता एक्सपोजर, उपकरण और प्रशिक्षण जैसे पहलुओं को सहायता के दायरे में रखा गया है।
संसाधनों का उचित उपयोग
जिला खेल विभाग के स्तर पर इसे गुरुग्राम में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब चुनौती यह होगी कि अकादमी को मिलने वाले संसाधनों का इस्तेमाल खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरतों के मुताबिक किया जाए और स्थानीय स्कूलों तथा अन्य खेल संस्थानों से प्रतिभाओं को जोड़कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिले।
जांच के बाद एक को मिली मंजूरी:
खेलो इंडिया सेंटर के लिए जिले से आवेदन प्राप्त हुए थे। निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच के दौरान अकादमी में निर्धारित मानकों से जुड़ी कमियां सामने आईं। कमियां दूर न होने के कारण उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया, जबकि सभी आवश्यक मानदंड पूरे करने वाली सेक्टर-4 स्थित इक्वेस्टियन स्पोर्ट्स अकादमी को स्वीकृति दी गई। इससे यह भी स्पष्ट है कि योजना के तहत केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं, बल्कि निर्धारित सुविधाओं और मानकों को पूरा करना जरूरी है।अब अकादमी में उपलब्ध खेल सुविधाओं को और व्यवस्थित करने, आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे गुरुग्राम के उन बच्चों और युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है जो खेल को केवल शौक नहीं बल्कि करियर के रूप में आगे बढ़ाना चाहते हैं। खेलो इंडिया का व्यापक लक्ष्य भी जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराना है।


