क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम पुलिस ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के झांसे में आकर ठगी का शिकार बने लोगों से हजारों रुपये की ठगी करने वाले चार सदस्यों के गिरोह को गिरफ्तार किया। गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल थीं और यह दिल्ली के विभिन्न इलाकों से सक्रिय थे। पुलिस अब अन्य लोगों के शिकार होने की जानकारी जुटा रही है।

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

गुरुग्राम, गौरव चौधरी। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर हजारों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया। जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। यह गैंग दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से बैठकर ठगी के इस धंधे को अंजाम दे रहा था। बीती 27 फरवरी 2026 को एक पीड़ित व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध पश्चिम में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 28 जनवरी से 10 फरवरी 2026 के बीच उसके पास अज्ञात नंबरों से कई फोन आए। कॉलर ने उसके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का लालच दिया और अपनी बातों में फंसाकर अलग-अलग किश्तों में कुल 98 हजार 266 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी कर ली। शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी。

गिरोह की पहचान

थाना साइबर पश्चिम की पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और बैंक खातों की जांच के बाद जाल बिछाया। पुलिस ने सबसे पहले 10 जून को दो महिला आरोपियों को जांच में शामिल कर गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान विनीता पंकज निवासी महावीर एन्क्लेव पार्ट-2, साउथ दिल्ली और कोमल निवासी जनता फ्लैट, जनकपुरी वेस्ट, दिल्ली के रूप में हुई। इनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह के दो अन्य पुरुष सदस्यों सुमित कुमार निवासी जय विहार फेज-1, नजफगढ़, दिल्ली और सावराज सिंह (निवासी महावीर एन्क्लेव पार्ट-2, दिल्ली को भी गिरफ्तार किया।

गिरोह की कार्यप्रणाली

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे। विनीता पंकज और कोमल यह दोनों महिलाएं बैंक कर्मचारी बनकर सीधे ग्राहकों को कॉल करती थीं और उन्हें झांसे में लेती थीं। सुमित कुमार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए सिम कार्ड गिरोह को उपलब्ध कराता था, ताकि पुलिस इन तक न पहुंच सके। सावराज सिंह यह इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना है, जो पूरी प्लानिंग करता था और ठगी की रकम के बैंक खातों का प्रबंधन करता था।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

साइबर थाना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के पकड़े जाने से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल और अन्य दस्तावेज बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इनके बैंक खातों में कहां-कहां से पैसे आए हैं। मामले की जांच गहनता से जारी है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरोह में कितने लोग शामिल थे?
गिरोह में चार सदस्य शामिल थे, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं।

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