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देशगुजरात में चक्रवात को लेकर अलर्ट जारी, NDRF की 10 टीमें तैनात; लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का आदेश

पीटीआई,अहमदाबादPublished By: Rakesh Kumar
Mon, 01 Jun 2020 10:19 PM
गुजरात में चक्रवात को लेकर अलर्ट जारी, NDRF की 10 टीमें तैनात; लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का आदेश

गुजरात के तट पर तीन जून को चक्रवाती तूफान आने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने सोमवार (1 जून) को निचले स्थानों पर रहने वालों को निकालने का आदेश दिया और आधा दर्जन से अधिक जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दस दल तैनात कर दिए। 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि अरब सागर पर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 36 घंटों में चक्रवात का रूप ले सकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि तीन जून की शाम को चक्रवाती तूफान उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात को पार कर जाएगा जिससे भारी बारिश होने का अनुमान है।

अहमदाबाद मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने कहा, “कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में सूरत से 900 किलोमीटर दूर है। दक्षिणी गुजरात के तट पर दमन के पास चक्रवाती तूफान तीन जून की शाम को पहुंच सकता है। हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है।”  उन्होंने कहा, “इससे दक्षिणी गुजरात क्षेत्र में तीन और चार जून को भारी बारिश होगी। सौराष्ट्र क्षेत्र भावनगर और अमरेली जिलों में भी इसका कुछ प्रभाव देखने को मिल सकता है।”

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अरब सागर के ऊपर चक्रवात की गतिविधि को देखते हुए राज्य की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने सोमवार (1 जून) को गांधीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात के कारण उपजी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दक्षिणी गुजरात के पांच जिलों- सूरत, भरुच, नवसारी, वलसाड और दांग और सौराष्ट्र के भावनगर और अमरेली जिले में एनडीआरएफ के दस दल तैनात कर दिए गए हैं।

रुपाणी ने कहा, “एनडीआरएफ के दस दल पहले ही तैनात कर दिए गए हैं और राज्य आपदा मोचन बलों के पांच दल तैनाती के लिए तैयार हैं। मैं इन क्षेत्रों के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे 3 और 4 जून को घरों में ही रहें।” सीएम रूपाणी ने जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि तटीय क्षेत्रों के निचले इलाकों में रहनेवाले मछुआरे और मछली पालन करने वाले सहित सभी लोगों को मंगलवार (2 जून) की दोपहर 12 बजे तक सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया जाए।

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