बारिश ने तोड़ा अमरूद का स्वाद, कम पैदावार से बाजार में बढ़ी मिठास की कमी
कम बारिश और अधिक तापमान ने मुरादाबाद और संभल के क्षेत्र में अमरूद की फसल को नुकसान पहुंचाया है। 4500 हेक्टेयर में की जा रही खेती का उत्पादन एक चौथाई रह गया है। फल कम दामों पर मिल रहे हैं, लेकिन पहले जैसे स्वाद और गुणवत्ता नहीं है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

इस बार कम बारिश और लंबे समय तक बने रहे अधिक तापमान ने अमरूद की फसल पर बड़ा असर डाला है। मुरादाबाद और संभल जिले में करीब साढ़े चार हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में अमरूद की खेती होती है, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन घटकर करीब एक चौथाई रह गया है। इसका असर केवल पैदावार पर ही नहीं, बल्कि अमरूद की गुणवत्ता और मिठास पर भी साफ दिखाई दे रहा है। हर साल जुलाई के महीने में बाजार अमरूद से भर जाते थे और जगह-जगह ठेलों पर ताजा अमरूद बिकते नजर आते थे। इस बार हालात इसके उलट हैं। बाजारों में अमरूद के ठेले बेहद कम दिखाई दे रहे हैं और जो फल उपलब्ध हैं, उनमें भी पहले जैसी मिठास नहीं है।
किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने से फलों का सही विकास नहीं हो पाया, जिससे आकार छोटा रह गया और स्वाद भी प्रभावित हुआ। बागवानों के अनुसार अमरूद की अच्छी फसल के लिए समय पर वर्षा और संतुलित तापमान जरूरी होता है। इस बार दोनों की कमी के कारण उत्पादन में भारी गिरावट आई है। कम आवक के चलते बाजार में अमरूद के दाम भी बढ़े हुए हैं, जबकि उपभोक्ताओं को पहले जैसा स्वाद नहीं मिल पा रहा है।


