इस वित्तीय वर्ष में 429 वाहन पकड़े, 3.65 करोड़ रुपये की वसूली
अयोध्या में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने माल के परिवहन में कर चोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रखी है। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 429 वाहनों को पकड़ा है और लगभग 3.65 करोड़ रुपये राजस्व में जुटाए हैं। बिना वैध दस्तावेजों के माल परिवहन पर अभियान जारी रहेगा।

अयोध्या, संवाददाता। माल के परिवहन में कर चोरी रोकने के लिए वस्तु एवं सेवा कर विभाग का सचल दल लगातार कार्रवाई कर रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग ने अब तक 429 वाहनों को जांच के दौरान पकड़ा है। इन मामलों में नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ 65 लाख रुपये की धनराशि राजस्व के रूप में जमा कराई गई है। विभाग का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के माल का परिवहन करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। जीएसटी विभाग के अनुसार, 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य के माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल अनिवार्य है।
इसके साथ ही संबंधित माल का वैध टैक्स इनवॉयस भी वाहन में होना चाहिए। केवल ई-वे बिल बनवा लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी वैधता अवधि भी परिवहन के दौरान समाप्त नहीं होनी चाहिए। यदि ई-वे बिल की समयसीमा पूरी हो जाती है या उसमें दर्ज विवरण और माल के दस्तावेजों में अंतर पाया जाता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान वाहन में मौजूद माल, ई-वे बिल और टैक्स इनवॉयस का मिलान किया जाता है। दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, गलत जानकारी, फर्जी बिल या बिना दस्तावेज माल मिलने पर वाहन को रोककर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों में जुर्माना जमा कराने के बाद ही वाहन और माल को छोड़ा जाता है।जीएसटी अपर आयुक्त ग्रेड-वन बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि कर चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सचल दल नियमित रूप से अभियान चला रहा है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि माल का परिवहन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे रखें। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से माल का परिवहन करने या जीएसटी नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यापारी को पेनाल्टी का सामना करना पड़ेगा। इसलिए नियमों का पालन कर ही माल का परिवहन किया जाए, जिससे अनावश्यक कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।


