शिव-सिद्धि योग में बरसेगी सुहाग की लाली, अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं आज रखेंगी व्रत
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है और सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि हरियाली तीज का महत्व रखती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पूजा कर अखंड सौभाग्य की मांग करती हैं। इस बार खास योग का संयोग भी है, जो इस पर्व के महत्व को बढ़ाता है।

सावन का महीना जहां देवाधिदेव महादेव को समर्पित है, वहीं सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी तृतीया तिथि को हरियाली तीज के नाम से जाना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सोलह शृंगार कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं और अखंड सौभाग्य का वरदान मांगती हैं। मान्यता है कि हरियाली तीज पर विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से महिलाओं के मनोरथ पूर्ण होते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा के मुताबिक तृतीया तिथि 14 अगस्त शुक्रवार को शाम 6:40 बजे से शुरू होकर 15 अगस्त शनिवार की शाम 5:28 बजे तक रहेगी।
उदया तिथि के अनुसार हरियाली तीज का व्रत और पूजन शनिवार को ही किया जाएगा। इस बार पर्व पर विशेष योग का संयोग भी बन रहा है। शनिवार को सुबह 7:07 बजे तक शिव योग रहेगा, इसके बाद पूरे दिन सिद्धि योग व्याप्त रहेगा। शिव और सिद्धि योग के संयोग के चलते हरियाली तीज का महत्व कई गुना बढ़ गया है। ज्योतिष में शिव योग को बेहद शुभ और कल्याणकारी योग माना जाता है। मान्यता है कि यह योग जातक को उच्च पद, बुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद देता है। वहीं, सिद्धि योग को बेहद शुभ और सफलतादायक संयोग माना जाता है। इसका संबंध कार्यों में पूर्णता, प्राप्ति और विजय से माना जाता है। ऐसे में इस बार की हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष मानी जा रही है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा-अर्चना करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और कार्यों में सफलता के साथ अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है।


