मंडलकारा में बनेगा औषधीय उद्यान, किचन गार्डन से बंदियों को मिलेगा ताजा भोजन
संदीप सिंह षधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। इन पौधों के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बंदियों को औषधीय पौधों के महत्व और उनके उपयोग की भी जानकारी मिल सकेगी। औषधीय उद्यान में...

संदीप सिंह सीवान। स्थानीय मंडलकारा परिसर को हरित व पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत जेल परिसर में जल्द ही औषधीय उद्यान विकसित किया जाएगा, यहां तुलसी, एलोवेरा, अश्वगंधा, लेमनग्रास, हल्दी, पुदीना समेत कई औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। इन पौधों के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बंदियों को औषधीय पौधों के महत्व और उनके उपयोग की भी जानकारी मिल सकेगी। औषधीय उद्यान में लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे के सामने उसका नाम, वैज्ञानिक नाम व औषधीय उपयोग प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि बंदियों एवं आगंतुकों को इन पौधों के बारे में जानकारी मिल सके। पौधों के संरक्षण और रखरखाव के लिए जैविक खाद व प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इस पूरी योजना के प्रभावी संचालन के लिए जेल प्रशासन द्वारा एक नोडल अधिकारी भी नामित किया जाएगा।
किचन गार्डन से बंदियों को मिलेगा ताजा और पौष्टिक भोजन
औषधीय उद्यान के साथ ही जेल परिसर की उपलब्ध भूमि पर किचन गार्डन भी विकसित किया जाएगा। यहां मौसमी व जैविक सब्जियों की खेती की जाएगी, इनका उपयोग बंदियों के भोजन में किया जाएगा। इससे बंदियों को ताजी व पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध होंगी साथ ही आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। किचन गार्डन के संचालन व वैज्ञानिक खेती के लिए कृषि विज्ञान केंद्र और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों के सहयोग से बंदियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक कृषि तकनीक, पौधों की देखभाल व जैविक खेती की जानकारी दी जाएगी।
हरित वातावरण विकसित करने पर रहेगा विशेष जोर
जेल परिसर में औषधीय पौधों के अलावा झाड़ीदार, सजावटी, फलदार व छायादार पौधों का भी व्यापक स्तर पर रोपण किया जाएगा। परिसर की परिधि को हराभरा बनाने के साथ-साथ पौधों के संरक्षण में बंदियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे जेल परिसर का वातावरण स्वच्छ व प्राकृतिक बनेगा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। मंडलकारा प्रशासन परिसर में वर्षा जल संचयन प्रणाली को भी प्रभावी बनाने की तैयारी कर रहा है।
बागवानी, सफाई व अन्य आवश्यक कार्यों में वर्षा जल का उपयोग
बागवानी, सफाई व अन्य आवश्यक कार्यों में वर्षा जल का उपयोग किया जाएगा। इससे जल संरक्षण के साथ-साथ भू-जल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। इतना ही नहीं जेल परिसर में उत्पन्न होने वाले जैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत रंग-कोड वाले डस्टबिन लगाए जाएंगे तथा जैविक कचरे से कम्पोस्ट और जैविक खाद तैयार की जाएगी। तैयार खाद का उपयोग औषधीय उद्यान और किचन गार्डन में किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
क्या कहते हैं मंडलकारा अधीक्षक
मंडलकारा अधीक्षक देवाशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि मंडलकारा परिसर में शीघ्र ही औषधीय उद्यान तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही किचन गार्डन भी विकसित किया जाएगा, इससे बंदियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कहा कि इस पहल का उद्देश्य जेल परिसर को हरित, स्वच्छ व आत्मनिर्भर बनाना है, साथ ही बंदियों को पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती से जोड़ना भी है।


