निर्मल सेवा सदन से निकली पार्श्वनाथ की पालकी
छीपीटोला में निर्मल सेवा सदन में भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने पालकी की आरती उतारी और सामूहिक पूजा की। खास तौर पर भगवान को 23 किलो का 2803 निर्माण का लाडू समर्पित किया गया। समत्व सागर महाराज ने आराधना के महत्व और आचरण पर विचार करने का संदेश दिया।

निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में श्री पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया गया। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, छीपीटोला से भगवान पार्श्वनाथ की पालकी धूमधाम से निकाली गई। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पालकी की आरती उतारी। समत्व सागर महाराज, शील सागर महाराज और सुप्रभात सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक और शांतिधारा हुई। इसके बाद पुजारियों, महिला मंडल, युवा मंच और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान पार्श्वनाथ की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से निर्वाण लाड़ू अर्पित किए और श्री सम्मेद शिखर पर्वत की वंदना की। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, मुनि के पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट का आयोजन हुआ।
भगवान पार्श्वनाथ को 2803 निर्माण का 23 किलो लाड़ू भक्तिभाव से समर्पित किया गया। समत्व सागर महाराज ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ की आराधना के साथ उनके सिद्धांतों को जीवन में उतारना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ ने बैर से दूर रहने का संदेश दिया। इसलिए श्रद्धालुओं को उपवास और पूजा के साथ अपने आचरण पर भी विचार करना चाहिए। इस अवसर पर मनोज जैन, रमेश जैन, प्रवीन जैन, आनंद जैन, शैलेश जैन, मुकेश जैन, आशीष जैन, विवेक जैन, चक्रेश जैन, सतेंद्र जैन, सचिन जैन, आशु, रोहित जैन, नितिन, सनी, अनिकेत, दीपक जैन और मीडिया प्रभारी राहुल जैन आदि उपस्थित रहे।


