न्यू : छात्र-शिक्षक संवाद से तय होगी उच्च शिक्षा की दिशा : राज्यपाल
-वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पहली बार पहुंचे राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन , कुलाधिपति सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन पहली बार विश्वविद्यालय पहुंचे। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता,...

-वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पहली बार पहुंचे राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन -कहा : उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को कई नीतिगत बदलाव, सकारात्मक प्रभाव दिखेगा -विद्यार्थियों और शिक्षकों से मिल रहे सुझावों को नीति निर्माण का बनाया जाएगा आधार आरा, निज प्रतिनिधि। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के इतिहास में शुक्रवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन पहली बार विश्वविद्यालय पहुंचे। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र हित और विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण बातों को रखा। शिक्षकों और विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में वास्तविक और स्थायी सुधार तभी संभव है, जब विद्यार्थियों और शिक्षकों के अनुभवों और सुझावों को नीति निर्माण का आधार बनाया जाए। उन्होंने शोध, नवाचार, डिजिटल अवसंरचना, पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण, शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं छात्र कल्याण के लिए राज्य सरकार और बिहार लोक भवन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चार-छह महीनों में बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। संवाद के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों की बातों को सुना और पूरा करने का आश्वासन भी दिया। कहा कि सिर्फ सिंहासन पर बैठकर नीति का निर्धारण नहीं होगा। छात्रों और शिक्षकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर ही निर्णय लिए जाएंगे। इससे उच्च शिक्षा की दिशा तय होगी। कहा कि हाल में ही एक छात्र की ओर से प्रायोगिक परीक्षा छूट जाने संबंधी की गई गुहार पर तत्काल कार्रवाई की गई, जो छात्र हित के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण है। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च स्तर तक पहुंचाना ही विश्वविद्यालयों का उद्देश्य होना चाहिए। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई नीतिगत बदलाव किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव आने वाले छह महीनों में दिखाई देगा। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि ज्ञान और चरित्र ही जीवन को सफल बनाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को सही दिशा देना भी है। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से खुलकर संवाद करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों की बातों को सुनने के बाद कहा कि इनका विश्वास काफी हाई है। इनके सवाल भी जायज थे। कई मांगों पर कार्य भी हो रहा है। आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने की आवश्यकता है।


