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निजता का नहीं होगा हनन, डेटा प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर उठते सवालों पर केंद्रीय मंत्री ने दिलाया भरोसा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय डेटा संचालन रूपरेखा नीति में डेटा से गोपनीय तरीके से निपटने का प्रावधान है। यह डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) विधेयक-2022 के मसौदे का हिस्सा नहीं है।

निजता का नहीं होगा हनन, डेटा प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर उठते सवालों पर केंद्रीय मंत्री ने दिलाया भरोसा
Niteesh Kumarपीटीआई,नई दिल्लीSun, 27 Nov 2022 02:55 PM

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सरकार प्रस्तावित डेटा संरक्षण कानून के तहत नागरिकों की निजता का उल्लंघन नहीं कर सकेगी और उसे सिर्फ असाधारण या अपवाद वाली परिस्थितियों में ही व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा, महामारी और प्राकृतिक आपदा जैसे परिस्थितियों में ही नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच सकती है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय डेटा संचालन रूपरेखा नीति में डेटा से गोपनीय तरीके से निपटने का प्रावधान है। यह डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) विधेयक-2022 के मसौदे का हिस्सा नहीं है। चंद्रशेखर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित डेटा संरक्षण बोर्ड स्वतंत्र होगा और इसमें कोई सरकारी अधिकारी शामिल नहीं होगा। यह बोर्ड डेटा संरक्षण से संबंधित मामलों को देखेगा। मंत्री ने डीपीडीपी बिल-2022 के मसौदे पर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए यह बात कही।

क्या गोपनियता का होगा उल्लंघन?
चंद्रशेखर ने कहा, 'हम कहते हैं कि सरकार इस कानून के जरिए नागरिकों की गोपनीयता का अनिवार्य रूप से उल्लंघन करना चाहती है। क्या यह संभव है? यह सवाल है। जवाब नहीं है। बिल और कानून बहुत स्पष्ट शब्दों में बताते हैं कि वे कौन सी असाधारण परिस्थितियां हैं जिनके तहत सरकार के पास भारतीय नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच हो सकती है... राष्ट्रीय सुरक्षा, महामारी, स्वास्थ्य देखभाल, प्राकृतिक आपदा। ये अपवाद हैं। जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण नहीं है और उचित प्रतिबंध के अधीन है, वैसे ही डेटा सुरक्षा का अधिकार भी है।'

विधेयक के बारे में और जानें
डीपीडीपी विधेयक के मसौदे में डेटा न्यासी के रूप में अधिसूचित कुछ संस्थाओं को डेटा संग्रह के उद्देश्य से विवरण शेयर करने सहित अन्य छूटें दी गई हैं। जिन प्रावधानों से सरकार की ओर से अधिसूचित यूनिट्स को छूट दी जाएगी, वे किसी व्यक्ति को डेटा संग्रह, बच्चों के डेटा के संग्रह, सार्वजनिक आदेश के जोखिम मूल्यांकन, डेटा ऑडिटर की नियुक्ति आदि के उद्देश्य के बारे में सूचित करने से संबंधित हैं। विधेयक का मसौदा व्यक्तियों को डेटा प्रबंधन यूनिट्स के साथ बिना सत्यापन और गलत जानकारी साझा करने से रोकता है। 
     
मंत्री ने आगे कहा कि राष्ट्रीय डेटा संचालन में गोपनीय गुमनाम डेटा से निपटने के प्रावधान हैं जबकि डीपीडीपी बिल का दायरा केवल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा तक सीमित है। उन्होंने कहा कि समूचे गैर-व्यक्तिगत और गोपनीय डेटा क्षेत्र के लिए हमारे पास राष्ट्रीय डेटा संचालन रूपरेखा नीति है। डीपीडीपी विधेयक का दायरा व्यक्तिगत डेटा संरक्षण तक सीमित है।