कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के उप प्रधानाचार्यों को भी सरप्लस घोषित करें
- राजकीय शिक्षक संघ ने विभाग से की मांग लखनऊ, प्रमुख संवाददाता राजकीय

राजकीय शिक्षक संघ ने एक पाली में चलने वाले एक हजार से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के उप प्रधानाचार्यों को भी सरप्लस घोषित किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजकीय माध्यमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों व प्रवक्ताओं को जब सरप्लस घोषित किया गया है तो इन्हें भी किया जाए।राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्य शंकर मिश्रा व प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त उप प्रधानाचार्यों के कारण विभाग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में इन उप प्रधानाचार्यों को रिक्त अधीनस्थ राजपत्रित पदों पर स्थानांतरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि राजधानी में तीन स्कूलों में छात्र संख्या कम होने पर भी उप प्रधानाचार्य तैनात हैं और बांदा के राजकीय इंटर कॉलेज पैलानी में 1300 से ज्यादा छात्र होने पर भी उप प्रधानाचार्य तैनात नहीं हैं। ऐसे में इस विसंगति को दूर किया जाए। जिससे इनका भी समायोजन दूसरे विद्यालयों व अन्य पदों पर किया जा सके।


